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सरकारी नौकरी के नाम पर 12 लाख की धोखाधड़ी, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी थमाया

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भारतीय खाद्य निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगों ने बेरोजगार से 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। इतना ही नहीं उसे फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी थमा दिया। पीड़ित लेटर लेकर भारतीय खाद्य निगम के गोरखपुर कार्यालय पहुंचा तो धोखाधड़ी की जानकारी हुई। पीड़ित ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो देने से इनकार कर दिया। उसने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने बिजनौर जनपद के दो सगे भाइयों समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के मोहल्ला पीरगढ़ में चंद्रसेन का परिवार रहता है। उनके बेटे जितेंद्र कुमार ने बीकॉम कर रखा है, लेकिन वह बेरोजगार था। इस बीच बिजनौर जनपद के रहने वाले कुछ लोगों का जितेंद्र कुमार के दोस्त मनोज कुमार के यहां आना-जाना था। इस बीच आरोपी दो सगे भाइयों ने कहा कि उनके बहनोई रेलवे में नौकरी करते हैं और उनकी भारतीय खाद्य निगम में अच्छी जान पहचान है। लिहाजा हम सभी लोग मिल कर सरकारी नौकरी लगवा सकते हैं। उनकी बातों में आकर जितेंद्र कुमार ने नौकरी की बात आगे बढ़ाने के लिए कह दिया।
आरोप है कि सभी आरोपी दिसंबर 2018 को जितेंद्र के दोस्त मनोज कुमार के घर आए और पंद्रह लाख रुपये में नौकरी लगने की बात तय होना बताया। जितेंद्र कुमार ने मोटी रकम देने से इंकार किया तो आरोपियों ने 12 लाख रुपये में नौकरी लगने की बात पक्की होने का झांसा दिया। आरोपियों के झांसे में आए जितेंद्र कुमार से कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए। 10 जनवरी 2019 को डेढ़ लाख रुपये अलग-अलग लोगों के खाते में ट्रांसफर करा लिए। उसके बाद 25 अक्तूबर 2019 को आरोपी घर पहुंचे और आठ लाख रुपये नकद ले लिए। इसके बाद 10 नवंबर 2019 को जितेंद्र कुमार के घर एक लिफाफा आया। जिस पर भारत सरकार सेवा सेवार्थ लिखा हुआ था। जितेंद्र कुमार ने लिफाफा खोल कर देखा तो उसके भीतर भारतीय खाद्य निगम द्वारा जारी ज्वाइनिंग लेटर मिला। साथ ही 31 नवंबर 2019 को भारतीय खाद्य निगम के कार्यालय गोरखपुर में ज्वाइनिंग करने का हवाला दे रखा था। जितेंद्र कुमार ने लिफाफा आने की बात आरोपियों को बताई।
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इसके अगले ही दिन सभी आरोपी अमरोहा आ गए और लिफाफा देखकर कहा कि आपका ज्वाइनिंग लेटर है। तुम्हारी सरकारी नौकरी लग गई है। आरोपियों के मांगने पर जितेंद्र कुमार ने ढाई लाख रुपये आरोपियों को और दे दिए। इसके बाद जितेंद्र कुमार गोरखपुर में भारतीय खाद्य निगम के कार्यालय पहुंचा तो वहां मौजूद अधिकारी कर्मचारियों ने ज्वाइनिंग लेटर को फर्जी और कूटरचित बताया। यह सुनकर जितेंद्र कुमार के होश उड़ गए। घर लौटने के बाद जितेंद्र कुमार ने आरोपियों से अपने 12 लाख रुपये वापस मांगे तो लौटाने से इंकार कर दिया। 21 अप्रैल 2022 की सुबह सभी आरोपियों रुपये वापस देने की बात कहकर मोहल्ला पुष्कर नगर अमरोहा में आए और पीड़ित जितेंद्र कुमार के साथ मारपीट की। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा उसने न्यायालय की शरण ली। अब अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर देहात थाना पुलिस ने राजू उसके भाई मित्तल, मुकुल निवासी बहेड़ी बुजुर्ग, मोहित निवासी ग्राम पैदा, विक्की निवासी कामगारपुर मंडावली और अनुज निवासी भोगी जनपद बिजनौर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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