अमरोहा। जालसाजों ने पशुपालन के लिए सरकारी छूट पर लोन दिलाने नाम पर धोखाधड़ी कर डाली। किसान को तहसील बुलाकर जमीन का बैनामा करा लिया। लेखपाल के बताने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ तो परिजनों के होश उड़ गए। किसान की पत्नी ने डीएम से इंसाफ की गुहार लगाई। उनके आदेश पर पति-पत्नी सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
धोखाधड़ी की यह घटना नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के कैलबकरी गांव की है। यहां पर किसान मिथुन कुमार का परिवार रहता है। आरोप के मुताबिक कुछ लोग उनके पास आए और पशुपालन के लिए सरकारी छूट पर लोन दिलवाने के नाम पर अपने जाल में फंसा लिया। 28 अगस्त को लोन का फार्म भरने और रकम दिलवाने के लिए अमरोहा तहसील बुला लिया। यहां एक अधिवक्ता के चेंबर पर किसान का अंगूठा लगवाया और बाद में दफ्तरनुमा कमरे में ले गए। यहां लोन मंजूर होने की बात कहकर घर भेज दिया। करीब एक महीने पहले गांव का लेखपाल घर पहुंचा और उसने जमीन का बैनामा कराने की बात बताई। यह सुनकर परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन में किसान अपनी पत्नी और मां के साथ तहसील पहुंचा। यहां फर्जी बैनामा की नकल निकलवाई। बाद में डीएम उमेश मिश्र को प्रार्थना पत्र देकर जमीन का बेईमानी और धोखाधड़ी से फर्जी बैनामा करने का आरोप लगाया। डीएम के आदेश पर नौगांवा सादात पुलिस ने बादशाहपुर निवासी विजय उसकी पत्नी सुनीता, जमुना खास गांव निवासी महेश्वर डोडा, गौरव त्यागी और बिजनौर के बूढ़ा नगला निवासी महेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी में एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं।