अमरोहा। संभल के ईसापुर सुनवारी निवासी बाइक सवार किसान राजीव शर्मा की गोली मारकर हत्या करने में कोर्ट ने गांव के ही पूर्व प्रधान के पति समेत चार लोगों को दोषी करार दिया है। सभी दोषियों ने जमीनी, चुनावी रंजिश और जानलेवा हमले के केस में फैसला नहीं करने पर षड्यंत्र रचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। प्रकरण में सजा के प्रश्न पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। चारों दोषी जमानत पर थे। कोर्ट का फैसला आने के बाद उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
संभल जिले के नखासा थानाक्षेत्र के ईसापुर सुनवारी गांव में दिवंगत उमराव शर्मा का परिवार रहता है। 25 फरवरी 2022 को उमराव शर्मा के बेटे जयदेव शर्मा भाई राजीव शर्मा गांव के ही सोमपाल के साथ पड़ोसी भगवान शरन की बेटी प्रियंका की हत्या के मुकदमे में फैसला के लिए पूर्व विधायक के मकान पर फैसले को लेकर चल रही पंचायत में शामिल होने आए थे। शाम करीब पांच बजे जयदेव शर्मा, राजीव शर्मा और सोमपाल बाइक से ढबारसी से होकर गांव जा रहे थे।
उनकी बाइक पांडली से सिरसा रोड पर पहुंची तो एक बाइक पर सवार दो बदमाश आए और राजीव शर्मा की पेट में गोली मार दी। इस पर राजीव शर्मा बाइक से उतरकर खेत की ओर भागे तो दोनों अभियुक्त ने उन्हें पकड़कर कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में जयदेव शर्मा ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान गांव के ही रहने वाले सोमपाल, कुंवरपाल, विकास और विजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था।
यह था विवाद
जांच में सामने आया था कि राजीव शर्मा ने अनुसूचित जाति के व्यक्ति से सोमपाल के नाम 56 लाख रुपये की जमीन कर दी थी। इसके बाद सोमपाल उस जमीन की राजीव शर्मा के नाम रजिस्ट्री नहीं कर रहा था जबकि कुंवरपाल और विकास आपस में चाचा-भतीजे हैं। कुंवरपाल की पत्नी व बड़ा भाई ग्राम प्रधान रहे हैं लेकिन साल 2021 में राजीव शर्मा ने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा था। इसके चलते कुंवरपाल के परिवार से प्रधानी चली गई और गांव का ही तीसरा व्यक्ति ग्राम प्रधान बन गया था। इसी बात को लेकर कुंवरवाल व विकास राजीव शर्मा से रंजिश रखने लगे थे जबकि विजेंद्र ने राजीव शर्मा पर जानलेवा हमला किया था और वह इस केस में फैसला नहीं कर रहे थे। इसलिए विजेंद्र भी उनसे रंजिश रखता था।
षड्यंत्र बनाकर की थी हत्या
चारों ने षड्यंत्र के तहत योजना बनाकर राजीव शर्मा की हत्या की थी। पुलिस ने सोमपाल, कुंवरपाल, विजेंद्र और विकास को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल चारों जमानत पर जेल से बाहर थे। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में चल रही थी। बुधवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर सोमपाल, कुंवरपाल, विजेंद्र और विकास को दोषी करार दिया। प्रकरण में सजा के प्रश्न पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। दोषी पाए जाने के बाद चारों दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।