हरे-भरे पेड़ पौधों को उजाड़ कर दस हजार बीघे जमीन पर फसल उगा रहे कब्जेदारों पर वन महकमा शिकंजा कस रहा है। हरे भरे पेड़ पौधों को उजाड़कर वन विभाग को करोड़ों का नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई के साथ ही नुकसान की भरपाई कराने की भी तैयारी की जा रही है। मुख्य वन संरक्षक (रुहेलखंड जोन) ने वन संरक्षक/ क्षेत्रीय निदेशक मुरादाबाद को इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। कहा है कि, वन विभाग की भूमि पर खड़ी फसलों को नीलाम कराएं। यह भी चेताया है कि, वन संपदा नष्ट करने वाले किसी भी सूरत में बच न पाएं।
हसनपुर तहसील के बिहारीपुर-पथरा, जेबड़ा, दौलतपुर कलां, ढकिया खादर, फत्तेहपुर खादर, कंडौआ तथा धनौरा तहसील क्षेत्र के नबाला नर्सरी के पास, इब्राहिमपुर, शेरपुर ढ्यौटी, रंपुरा खादर, मुकारमपुर, बस्तौरा खादर, शीशोवाली, ढाकों वाली आदि गांवों के लोग अपने आस पास वन विभाग की जमीन पर लगाए गए पेड़ पौधे नष्ट कर तकरीबन दस हजार बीघे जमीन पर खेती कर रहे हैं। इससे वन विभाग को करोड़ों की चपत लगी है। शिकायत प्रधान मुख्य वन संरक्षक रूपक डे तक पहुंचने के बाद जेबड़ा में वन विभाग की जमीन से कब्जा हटवाया जा रहा है।
इधर कब्जेदार जेबड़ा, बिहारीपुर और पथरा में जंगलात की जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल काटने में लगे हैं। सेटिंग हो जाने के कारण चीनी मिल भी बाकी किसानों की बजाय कब्जेदारों को ही पर्चियां जारी कर रहे हैं।
इधर वन संपदा नष्ट कर विभाग को पहुंचाए गए करोड़ों के नुकसान को मुख्य वन संरक्षक (रुहेलखंड जोन) अरविंद कुमार गुप्ता ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने वन संरक्षक/ क्षेत्रीय निदेशक मुरादाबाद आरपी वर्मा को जंगलात की जमीन पर खड़ी फसल नीलाम करने के निर्देश दिए हैं।
कहा है कि जब करोड़ों का नुकसान कब्जेदारों ने किया है तो भरपाई भी इन्हीं से की जानी चाहिए। हिदायत दी है कि किसी भी कीमत में कब्जेदार बच न पाएं। वन विभाग की जमीन पर खड़ी फसल की नीलामी की जाए।
वन विभाग को करोड़ों का नुकसान कब्जेदारों ने पहुंचाया है। उन्होंने खेती के लिए पेड़ पौधे नष्ट कर दिए। जंगलात की जमीन पर फसलें लहला रहीं हैं। विभाग को हुए करोड़ों के नुकसान की भरपाई कब्जेदारों से ही की जाएगी। इसके लिए वन संरक्षक/ क्षेत्रीय निदेशक मुरादाबाद को निर्देश दिए हैं।- अरविंद कुमार गुप्ता मुख्य वन संरक्षक (रूहेलखंड जोन)