सत्ता के नशे में चूर एक सपा नेता ने बुधवार दोपहर सरे बाजार ब्रजघाट मे हंगामा कर दिया। साथियों के साथ दुकानदार को खींच कर पीटा और लाइसेंसी असलहे लहराते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की। इससे भगदड़ मच गई, कुछ देर बाद पास पड़ोस के लोगों ने हिम्मत जुटाकर सपा नेता और उसके समर्थकों को दौड़ा लिया। आरोपी की कार के शीशे तोड़ डाले। इस पर घबराया कार चालक वाहन छोड़ कर भाग खड़ा हुआ।
वहीं खुद को घिरता देख सपा नेता ने अपने दो साथियों के साथ एक धर्मशाला में बंद होकर जान बचाई। सूचना पर पहुंची ब्रजघाट पुलिस की लोगों के सामने एक न चली। इस पर गढ़मुक्तेश्वर और हापुड़ पुलिस के साथ बहादुर गढ़ पुलिस को भी बुला लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक भी पहुंचे, बज्रवाहन भी बुला लिया गया। तब कहीं पुलिस सपा नेता और उसके साथियों को धर्मशाला से ले जा पाई।
घटना दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के बीच की है। ब्रजघाट गंगा के पास ही बुधबाजार लगा था। मोहल्ले के विकास और गुड्डू पुत्र गण रतन सिंह यादव घर के नीचे स्थित अपनी किराने की दुकान पर थे। उसी समय सफेद रंग की महिंद्रा एसयूवी-500 लग्जरी कार पास आकर रुकी। कार पर समाजवादी पार्टी का झंडा लगा था। आगे और पीछे शीशे पर जिलाध्यक्ष लिखा था। दुकानदार विकास यादव ने बताया कि कार से उतर कर गढ़मुक्तेश्वर के सपा नेता संजीव यादव समेत पांच-छह लोग उसकी दुकान पर आए और दोनों भाइयों से गाली-गलौज करने लगे।
सभी के हाथों में डंडे और असलहे थे। विरोध करने पर दोनों भाइयों को दुकान से खींच कर मारपीट शुरू कर दी। पास पड़ोस के लोगों ने जब विरोध किया तो फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की। जिससे बाजार में भगदड़ मच गई।
वहीं कुछ लोग हिम्मत दिखाते हुए आगे बढ़े तो भीड़ लग गई। खुद को घिरता देख आरोपियों ने दौड़ लगा दी। चालक कार लेकर दूसरी ओर से भाग निकला। इस पर सपा नेता और साथियों ने फिर से फायरिंग शुरू कर दी।
करीब 20 से 25 फायर किए और घिरने पर आरोपी राकेश कुमार की धर्मशाला में घुस गए और मेनगेट बंद कर लिया। वहीं गुस्साई भीड़ ने धर्मशाला घेर ली। सूचना पर ब्रजघाट चौकी इंचार्ज बलवीर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन सपा नेता को धर्मशाला से बाहर नहीं निकाल सके।
साढ़े 11 बीघा जमीन को लेकर हुआ विवाद
गजरौला। ब्रजघाट निवासी हरि सिंह यादव पुत्र पूरन सिंह यादव ने बताया कि उनके परिवार की बागड़प़र रोड पर नैनापुर गांव के पास सड़क किनारे 43 बीघा जमीन है। इसमें तहेेरे भाई मूलचंद यादव और तारा चंद यादव ने अपने हिस्से की जमीन ले ली है, बाकी साढ़े 11 बीघा जमीन में उनके अलावा बड़े भाई रतन सिंह यादव की पत्नी ओमवती और बेटे विकास व दीपक हिस्सेदार हैं।
हरि सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में तहेरे भाई मूलचंद और ताराचंद ने उनकी साढ़े 11 बीघा जमीन पर नोएडा के अजय और विनोद यादव नाम के व्यक्ति का कब्जा करा दिया था। जिससे उन्होंने सभी साढ़े 11 बीघा जमीन का सौदा 57 लाख 50 हजार रुपये में गढ़मुक्तेश्वर के सपा नेता संजीव यादव से तय कर लिया। संजीव यादव ने विवाद से खुद निपटने की बात कहते हुए एक लाख रुपया एडवांस भी दे दिया था। इधर, बुधवार सुबह अजय और विनोद यादव 15 हजार ईंटें लेकर उक्त भूमि पर कब्जा करने पहुंचे थे।
संजीव यादव ने मौके पर पहुंच कर अजय और विनोद यादव को वहां से भगा दिया और कब्जा नहीं करने दिया। इसके बाद संजीव यादव ने एक लाख के स्थान पर 10 लाख रुपये एडवांस दिये जाने की बात कहते हुए जमीन का एग्रीमेन्ट कराने की बात कही। हरि सिंह ने बताया कि उन्होंने दस लाख रुपये एडवांस दिए जाने का विरोध किया तो गाली-गलौच पर उतारू हो गए।
उस समय संजीव यादव वहां से चले गए और दोपहर डेढ़ बजे असलहों से लैस अपने साथियों के साथ विकास की दुकान पर पहुंचे और मारपीट करते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की। आरोप है कि संजीव यादव एक लाख रुपये में ही जमीन हड़पना चाहता है।