अमरोहा में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की चुनावी जनसभा में अनुमति से अधिक भीड़ जुटाने के मामले में पुलिस ने बसपा जिलाध्यक्ष और उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उन पर आचार संहिता और कोविड गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाने का आरोप है।
शुक्रवार को अमरोहा जोया रोड स्थित जोई के मैदान में बसपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की चुनावी जनसभा आयोजित हुई थी। जिसमें मुरादाबाद मंडल के सभी पार्टी प्रत्याशी बुलाए गए थे। कोरोना संक्रमण के चलते चुनाव आयोग के निर्देश हैं कि एक हजार से अधिक लोगों को इकट्ठा नहीं किया जा सकता। ऐसे में प्रशासन ने जनसभा में केवल 1000 लोगो के इकट्ठा करने की अनुमति दी थी। लेकिन आयोजकों द्वारा बड़ी संख्या में भीड़ जुटा ली गई। भीड़ को देख कर प्रशासन में हड़कंप मच गया था।
एसडीएम सदर विजय शंकर खुद मौके पर वीडियोग्राफी कराते दिखे थे। इस दौरान उड़नदस्ता एफएसटी बी टीम के मजिस्ट्रेट और अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग भी मौके पर निगरानी कर रहे थे। सीओ विजय कुमार राणा ने बताया कि अवर अभियंता और मजिस्ट्रेट उड़नदस्ता नीरज कुमार की तहरीर पर भाजपा जिला अध्यक्ष सोमपाल सिंह व समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन पर अनुमति से अधिक 3500 लोगों की भीड़ जुटाकर आचार संहिता और कोविड-19 महामारी की गाइड लाइन का उल्लंघन करने का आरोप है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
सीओ ने बताया कि बसपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 269, 270 महामारी अधिनियम की धारा 3 आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 (बी) के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।