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Amroha News: पटाखा फैक्टरी मालिक पर लापरवाही समेत कई धाराओं में एफआईआर

Wed, 18 Jun 2025 02:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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रजबपुर (अमरोहा)। अतरासी गांव के बाहरी हिस्से में चल रही पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के मामले में पुलिस ने मंगलवार को हापुड़ निवासी फैक्टरी मालिक सैफ उर रहमान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। फैक्टरी मालिक की लापरवाही के कारण विस्फोट होने का आरोप है।
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रिपोर्ट के मुताबिक फैक्टरी में सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम नहीं थे। मानक के अनुरूप सुरक्षा के उपकरण भी नहीं लगाए गए थे। मालिक पर अवैध रूप से पटाखों का निर्माण कराने का भी आरोप है। मृतक सर्वेश देवी के पति सोविंदर की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी फैक्टरी मालिक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अतरासी गांव के बाहरी हिस्से में चल रही पटाखा फैक्टरी में सोमवार दोपहर तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गया था। इसमें फैक्टरी में काम कर रहीं रजबपुर निवासी रुकसाना व शहनाज और पपसरा गांव निवासी रूमा व सर्वेश की मौत हो गई थी, जबकि मलबे में दबकर अमरोहा के मोती नगर निवासी मोना, विशाल, पूजा, पूजा पत्नी अमित कुमार, इंद्रवती, अतरासी कलां निवासी सलोनी, पपसरा निवासी सोनिया, पूजा पत्नी राजेश, मंगूपुरा निवासी नाजरीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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डीएम निधि गुप्ता वत्स ने फैक्टरी में हुए विस्फोट की मजिस्ट्रियल जांच के लिए एडीएम वित्त व राजस्व की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित की है।
एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि यह पटाखा फैक्टरी हापुड़ जिले के सैफ उर रहमान के नाम पर पंजीकृत है। अमरोहा-अतरासी मार्ग से करीब एक किलोमीटर अंदर दो शेड में चल रही फैक्टरी में विस्फोट के समय करीब 15 मजदूर काम कर रहे थे। मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इन धाराओं में दर्ज की गई रिपोर्ट
एसपी ने अमित कुमार आनंद ने बताया कि पटाखा फैक्टरी संचालक सैफ उर रहमान के खिलाफ बीएनएस की धारा 288, 125बी, 106 और विस्फोट अधिनियम की धारा 9बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

धारा 288 : जो भी किसी विस्फोटक पदार्थ के साथ कोई कार्य इतने उतावलेपन या उपेक्षा से करे, जिससे मानव जीवन को संकट उत्पन्न हो जाए या किसी अन्य व्यक्ति को चोट पहुंचने की संभावना हो। इसके अलावा जानबूझकर या उपेक्षा से अपने कब्जे वाले किसी विस्फोटक पदार्थ के साथ ऐसी व्यवस्था करने में चूक करेगा, जो उस पदार्थ से मानव जीवन को किसी संभावित खतरे से बचाने के लिए पर्याप्त हो। वह छह माह तक की सजा या पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।

धारा 125(बी) :
किसी व्यक्ति की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को जानबूझकर खतरे में डालने वाले कार्यों को अपराध माना जाता है। यह धारा उन कार्यों को दंडित करती है जो लापरवाही या जल्दबाजी में किए गए हों और जिनसे मानव जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो।

धारा 106 :
यह धारा लापरवाही से हुई मौत से संबंधित है। यदि किसी व्यक्ति की मौत लापरवाही या जल्दबाजी में किए गए कार्य के कारण होती है तो उसे इस धारा के तहत दोषी ठहराया जा सकता है। भले ही उसका इरादा हत्या करने का न रहा हो। यह धारा आकस्मिक मौतों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, खासकर जब लापरवाही के कारण मृत्यु हो जाती है।
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विस्फोट अधिनियम की धारा 9बी :
यह धारा बिना लाइसेंस के विस्फोटक रखने, बनाने, बेचने, परिवहन करने या उपयोग करने से संबंधित है। इसके तहत ऐसे अपराधों के लिए सजा में दो साल तक की कैद या 3000 रुपये का जुर्माना या दोनों शामिल हैं। यदि कोई व्यक्ति विस्फोटक का उपयोग करके किसी भी नियम का उल्लंघन करता है तो उस पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
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