तीन वार्डों की पंद्रह हजार आबादी को जल्द ही जलभराव से राहत मिलेगी। घरों के सामने हर समय भरे रहने वाले पानी की निकासी को छह सौ मीटर लंबाई का पाइप डाला जाएगा। जिस पर पालिका 20 लाख रुपये से अधिक खर्च करेगी। पाइप के जरिए तीन वार्डों को पानी बूढ़े बाबू के तालाब में जाएगा। अब तक जल निकासी नहीं होने के कारण पानी घरों के सामने भरा रहता है। जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका के साथ ही लोग तमाम सुविधाओं से वंचित हैं।
गजरौला नगर पालिका के सभी 25 वार्डों की आबादी तकरीबन एक लाख है। जिसमें मायापुरी, चौहानपुरी, आंबेडकर नगर और मंडी समिति के पीछे की नई आबादी को लगाकर 15 से 20 हजार कह जनसंख्या निवास करती है। इस आबादी के घर से निकलने वाले पानी के निकास के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। एक कच्चा नाला बना है। जिससे रुक रुक कर पानी निकलता है। वह भी आगे अवरुद्ध होने के कारण उफान पर रहता है। जल निकासी का पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण मायापुरी मोहल्ले में हर समय पानी भरा रहता है।
वहीं बारिश हो जाने पर अंबेडकर नगर, चौहानपुरी और मंडी समिति के पीछे की आबादी तक पानी पहुंच जाता है। जिसकी वजह से लोग नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं। मायापुरी वार्ड के सभासद धर्मेंद कुमार, राज मिस्त्री जगत सिंह, सुरेश, राकेश, क्रांति, चंद्रपाल, धर्मवीर, राजपाल आदि का कहना है कि जल भराव के कारण आबादी को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जल निकासी का इंतजाम नहीं होने के कारण घरों तक पानी भरा रहता है। जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने का डर बना रहता है।
जल भराव की वजह से ही मोहल्ले की सड़कें टूट गई हैं। सबसे अधिक दिक्कत बरसात में होती है। घरों में पानी भर जाने के कारण पैदल निकलने को भी रास्ता नहीं बचता। नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर आबादी को जल्द राहत मिलेगी। क्योंकि पालिका द्वारा छह सौ मीटर लंबाई के पाइप डाले जाएंगे। जिससे मायापुरी, चौहानपुरी, अंबेडकर नगर और मंडी समिति के पीछे की आबादी का पानी को निकाला जाएगा। पाइप से 15 हजार की आबादी का पानी बूढ़े बाबू के तालाब में पहुंचेगा। जिस पर 20 लाख 35 हजार रुपये खर्च होंगे।
पालिकाध्यक्ष अंशु नागपाल और ईओ विजेंद्र सिंह पाल का कहना है कि छह सौ मीटर ह्यूम पाइप और नाला निर्माण का काम दस या पंद्रह दिन में शुरू हो जाएगा। ह्यूम पाइप के बाद तीन वार्डों की 15 हजार की आबादी को जल भराव से मुक्ति मिलेगी।