मंडी धनौरा। अमरोहा-हरिद्वार प्रस्तावित एक्सप्रेसवे कनेक्टर के एलाइनमेंट में बदलाव के विरोध में क्षेत्र के 12 से अधिक गांवों के किसानों ने एसडीएम मंडी धनौरा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। किसानों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक और निजी हितों को साधने के लिए मूल एलाइनमेंट में बदलाव किया जा रहा है, जिससे कई नए गांवों की उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहण की जद में आ जाएगी।
किसानों ने बताया कि पहले प्रस्तावित एलाइनमेंट में जिन गांवों की भूमि प्रभावित हो रही थी, वह अपेक्षाकृत कम उपजाऊ थी और वहां का सर्किल रेट भी अधिक था। जबकि नए प्रस्तावित रूट में अत्यधिक उपजाऊ कृषि भूमि को शामिल किया गया है। उनका आरोप है कि एक स्थानीय नेता के दबाव में अलाइनमेंट बदलकर कुछ विशेष लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि नए एलाइनमेंट से प्रभावित होने वाले गांवों में वर्तमान सर्किल रेट करीब 1.80 लाख से 2.20 लाख रुपये प्रति बीघा है। ऐसे में अधिग्रहण होने पर किसानों को अधिकतम करीब 8.80 लाख रुपये प्रति बीघा तक ही मुआवजा मिल सकेगा, जबकि क्षेत्र में कृषि भूमि का वास्तविक बाजार मूल्य 10 लाख रुपये प्रति बीघा से अधिक है। किसानों का कहना है कि एक्सप्रेसवे निर्माण के बाद आसपास की भूमि के दाम और बढ़ जाएंगे तथा कीमतें 15 से 20 लाख रुपये प्रति बीघा तक पहुंच सकती हैं। ऐसे में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित होगी, वे मिलने वाले मुआवजे से समान मात्रा में भूमि नहीं खरीद पाएंगे। इससे उनके सामने आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने मांग करते हुए कहा कि यदि नया अलाइनमेंट लागू किया जाता है तो प्रभावित गांवों की जमीन का सर्किल रेट न्यूनतम 10 लाख रुपये प्रति बीघा निर्धारित किया जाए, जिससे किसानों को उचित मुआवजा मिल सके। इस दौरान सचिन, राजीव, मंगल, रवि, अंकित, सत्येंद्र, सुधीर, मनोज, शेखर, नवनीत, कर्मवीर, प्रयास सिद्धू , सचिन सिद्धू मौजूद रहे।