अमरोहा। शहर के शाह विलायत दरगाह के सामने मंगलवार रात दवाई लेकर पत्नी के साथ घर लौट रहे अधिवक्ता के साथ डीसीएम चालक और उसके साथियों ने मारपीट की। बाद में जान से मारने की नीयत से डीसीएम चढ़ाने की कोशिश की। सूजा से ताबड़तोड़ कर वार किए। घटना के बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है, जिससे अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है।
मोहल्ला लकड़ा निवासी अधिवक्ता कौशर अली मंगलवार रात करीब नौ बजे अपनी पत्नी की दवाई लेकर स्कूटी से घर लौट रहे थे। जब वह शाह विलायत दरगाह के सामने पहुंचे तो सड़क पर जाम लगा हुआ था और मौके पर सिविल व ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी भी मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान एक डीसीएम ने उनकी स्कूटी में साइड मार दी। विरोध करने पर डीसीएम चालक से कहासुनी हो गई। आरोप है कि चालक ने फोन कर अपने कुछ साथियों को बुला लिया। इसके बाद चालक और उसके पांच-छह साथियों ने मिलकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना की सूचना मिलने पर उनके छोटे भाई अधिवक्ता हैदर अली भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि बीच-बचाव करने पर हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की।
घटना के बाद कौशर अली अन्य अधिवक्ताओं के साथ नगर कोतवाली पहुंचे और तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि पुलिस ने मामला दर्ज करने के बजाय जांच का आश्वासन देकर उन्हें लौटा दिया। इससे अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी है। कौशर अली का कहना है कि संबंधित डीसीएम मोहल्ला दरबारे कला निवासी कामिल के नाम पर पंजीकृत है। उधर, घटना को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी है और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए नाराजगी जताई है।