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चार गुना मुआवजे से कम पर नहीं मान रहे किसान, मनाने में अफसर हलकान

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रजबपुर। मध्य गंगा नहर के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले में सर्किल रेट से चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर किसानों की भूख हड़ताल को खत्म कराने पहुंचे प्रशासनिक अफसरों को किसानों ने खरी खरी सुनाई। चार गुना मुआवजा मिलने से पहले भूख हड़ताल समाप्त नहीं करने का संकल्प दोहराया। आधे घंटे की मान मनुहार के बाद एडीएम वित्त और राजस्व के अलावा अमरोहा और हसनपुर के एसडीएम बैरंग लौट आए। मालूम हो कि इससे पहले किसानों ने सदर एसडीएम को दो बार वापस कर चुके हैं।
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कूबी गांव में बुधवार को किसानों के आंदोलन का 66वां दिन था, जबकि भूख हड़ताल का दूसरा दिन है। अध्यक्ष मायाराम सिंह, संतराम सिंह, राजीव सिंह, मुकेश कुमार और सुखवीर सिंह भूख हड़ताल पर रहे। एडीएम वित्त और राजस्व विनय कुमार सिंह बुधवार को 11.45 बजे एसडीएम विजय शंकर और हसनपुर के एसडीएम संजय बंसल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसान नेताओं से भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। किसान नेताओं ने एडीएम वित्त और राजस्व विनय कुमार सिंह से कहा कि सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। इसके बाद एसडीएम विजय शंकर और हसनपुर के एसडीएम संजय बंसल ने मान मनुहार शुरू की। हालांकि किसानों ने कुछ भी सुनने से इनकार कर दिया। आधे घंटे के बाद तीनों अफसर बैरंग लौट गए। इस दौरान सीनू चौधरी, मानवेंद्र सिंह, राहुल, रुमाल सिंह, अशोक, ब्रजपाल, सूरज सिंह आदि रहे।
प्रशासन को छकाने की रणनीति, भूख हड़ताल चलेगा लंबा
अमरोहा। किसानों ने भूख हड़ताल को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई है। इसके लिए रोजाना अलग-अलग किसान भूख हड़ताल पर रहेंगे। इसके चलते किसी की तबीयत भी खराब नहीं होगी और आंदोलन लंबा चलता रहेगा। दरअसल क्रमिक अनशन के दो महीने तक नोटिस नहीं लेने के बाद किसानों ने भूख हड़ताल शुरू किया है। संवाद
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