हसनपुर (अमरोहा)। एनपीके खाद के मूल्य में 250 रुपये की बढ़ोतरी होने पर किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों ने खाद के मूल्य हुई बढ़ोतरी कम करने की मांग की है।
सहकारी समिति और इफ्को की दुकानों पर एनपीके की नई खेप पहुंची है। उसके बाद से किसानों से 250 रुपये प्रति बोरा अधिक लिए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि पहले 50 किलो के एनपीके खाद के बोरे की कीमत 1470 रुपये थी। जो अब 1720 रुपये हो गई है। किसानों को सरकार से उम्मीद थी कि खाद की कीमत घटाई जाएंगी। जिससे किसानों को खेती में मुनाफा हो सकेगा, लेकिन इसके विपरीत एनपीके खाद की कीमतों में एक साथ 250 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। किसान इन बढ़ी कीमतों को घटाने की मांग भी कर रहे हैं।
बोले किसान...
-एनपीके खाद की कीमत 250 रुपये बढ़ाई गई है। जो छोटे किसानों के लिए बहुत ज्यादा हैं। बढ़ी हुई कीमतों को वापस लिया जाना चाहिए। -कृष्ण कुमार शर्मा, सभापति सहकारी समिति भदौरा
-एनपीके खाद पर एक साथ 250 रुपये की बढोतरी ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। जबकि किसानों की फसल के दाम पुराने हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। -समरपाल सिंह, किसान अंबरपुर
-किसानों की फसलाें को सस्ते दामों पर खरीदा जा रहा है, जबकि एनपीके खाद की कीमत बढ़ गई है। किसान हित में बढ़ोतरी को वापस लिया जाना चाहिए। -करन सिंह, किसान नंगलिया मुंशी
गन्ने के दाम अभी तक घोषित नहीं हुए हैं। पुराने दामों पर ही गन्ना खरीदा जा रहा है, लेकिन एनपीके खाद पर दाम बढ़ा दिए गए। इसे सहन नहीं किया जाएगा। -महेंद्र सैनी, किसान बेगपुर
बोले जिम्मेदार...
-एनपीके खाद पर 250 रुपये बढ़ाए गए हैं। यह निर्णय कंपनी और केंद्र सरकार की ओर से लिया गया है। इसमें स्थानीय स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता। -हरेंद्र सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ कृषि विभाग हसनपुर