आधी रात के बाद एक कॉटन वेस्ट कारखाने में आग लग गई। अनुमान लगाया जा रहा है कि, शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी से कारखाने में आग लगी। पड़ोस के कारखाने में काम कर रहे लोगों ने लपट उठती देख आग की सूचना मालिक को दी। मालिक के फोन पर दमकलकर्मी पहुंचे, लेकिन तब तक आग भयानक रूप धारण कर चुकी थी।
इसके बाद गजरौला से फायरटैंक भी बुलाए गए। घंटों मशक्कत के बाद आग बुझाई गई, मगर तब तक कारखाने में रखा कॉटन वेस्ट का सामान, आफिस में रखे सोफासेट, कुर्सियां, एलसीडी आदि जल गए।
शहर के घेर पछइयां निवासी असलम का नौगावां सादात थाना क्षेत्र दाऊद सराय गांव स्थित बिजलीघर के पीछे कॉटन वेस्ट कारखाना है। कारखाने में रात में कोई नहीं रहता है। बुधवार रात करीब डेढ़ बजे यहां ऊंची लपट उठती देख पड़ोसी कारखाने में काम कर रहे लोगों ने फोन कर कारखाना मालिक असलम को जानकारी दी। चूंकि कॉटन वेस्ट कारखाने में ज्वलनशील सामान ज्यादा था, लिहाजा चंद मिनट में ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
इधर, कारखाने में शार्ट सर्किट से आग लगने की सूचना मिलने पर असलम ने फोन कर फायरकर्मियों को कॉटन वेस्ट कारखाने में आग लगने की सूचना दी, जिस पर फायर ब्रिगेड के रजा हसनैन, देवेंद्र सिंह, प्रेम सिंह फायर टैंकों को लेकर कॉटन वेस्ट कारखाने पहुंचे, मगर आसमान में उठ रहीं लपटों ने उनके हौंसले पस्त कर दिए। इधर आग काबू में न आती देख दमकलकर्मियों ने गजरौला फायर स्टेशन को सूचना दी। इस बीच आग ने कारखाने के आफिस को भी चपेट में ले लिया।
इसके बाद गजरौला से अग्निशमन की गाड़ियां कॉटन वेस्ट कारखाने पहुंची। घंटों की मशक्कत के बाद दोनों स्टेशनों के फायर टैंकों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कारखाने में कॉटन का सामान, आफिस में रखा सोफासेट, एलसीडी, फ्रिज आदि जल गए। कारखाना मालिक के मुताबिक 20 से 30 लाख रुपये का सामान जल गया। फायर स्टेशन इंचार्ज रजा हसनैन ने बताया कि आग लगने से तकरीबन 10 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।