एक तरफ मुख्यमंत्री ने लगातार अवैध खनन के आरोप लगने के बाद प्रदेश कैबिनेट से खनन मंत्री गायत्री प्रजापति को बर्खास्त कर दिया है। वहीं, खनन को लेकर जिले के सियासत भी गरमा गई है।
जिले के दो दिग्गज नेताओं ने खुलेआम सोशल मीडिया पर एक दूसरे खिलाफ अवैध खनन और आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच के लिए एक दूसरे के खिलाफ पीआईएल डालने की बात कही है। सच्चाई जो भी हो लेकिन में इस तरह के आरोप प्रत्यारोप लगने से जिले कि सियासत गरम है।
अवैध खनन को लेकर खनन मंत्री की बर्खास्तगी के बाद जहां प्रदेश की सियासत गरम है, वहीं जिले में भी अवैध खनन और आय से अधिक संपत्ति रखने को लेकर दो दिग्गज नेताओं के व्हाट्स एप पर आपस में भिड़ने से जिले की भी सियासत गरमा गई है। ये दोनों नेता है पूर्व सांसद एवं भाजपा नेता देवेंद्र नागपाल और प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री कमाल अख्तर।
मंगलवार को जब पूरे जिले बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा था इसी बीच दोनों नेतागण व्हाट्स एप पर संचालित एमएसएन न्यूज नाम के ग्रुप पर आमने सामने आ गए। दोनों नेता इस ग्रुप में शामिल हैं।
पहले देवेंद्र नागपाल ने कमाल अख्तर के खिलाफ अवैध खनन पर मोर्चा खोला। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जिले में कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर की शह पर बड़े पैमाने पर खनन हो रहा है। इसके बाद भी मंत्री के दबाव में पुलिस और प्रशासन मौन साधे हुए है। ब्रजघाट में हो रहे खनन की भी सीबीआई जांच होनी चाहिए। इसके लिए कैबिनेट मंत्री के खिलाफ पीआईएल डाली जाएगी।
इतने आरोप लगने के बाद कैबिनेट मंत्री की ओर से भी जवाबी पोस्ट डाली गई उन्होंने पूर्व सांसद पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया। कहा कि जल्द ही पूर्व सांसद के हरियाणा के एक पूर्व सीएम के साथ संबंधों और साझेदारी की जांच के लिए एक पीआईएल डाली जाएगी। ये भी कहा कि जिनके अपने घर शीशे को हों उन्हें दूसरे के घरों पर पत्थर नहीं उछालने चाहिए।
उधर, डीएम वेदप्रकाश का कहना है कि फिलहाल जिले में कहीं अवैध खनन नहीं चल रहा है। खनन के सभी पट्टे निरस्त हैं। जहां कहीं अवैध खनन की सूचना मिलती है, छापेमारी की जाती हैं। खनन में दस ट्रैक्टर अभी भी थानों में बंद है।