अमरोहा। नगर पालिका के कर्मचारियों का शहर के प्रभावशाली नेताओं के घरों में चौका बर्तन करने का आरोप लगा है। राष्ट्रीय दलित पिछड़ा वर्ग ने सीएम को शिकायती पत्र भेजा है। चार कर्मचारियों के वेतन के रूप में दो साल में 33.60 लाख रुपये का भुगतान हुआ है। इससे नगर पालिका को आर्थिक क्षति पहुंची है। शासन स्तर से मामले में रिपोर्ट तलब की गई है। डीएम उमेश मिश्र को कर्मचारियों के नाम और उनके वेतन पर हुए खर्च का ब्योरा भेजा है।
संगठन के जिलाध्यक्ष देशराज की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को कलक्ट्रेट में पहुंचा। आरोप लगाया कि शहर में रहने वाले एक पूर्व मंत्री और नगर पालिका के दो पूर्व चेयरमैन के घर में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी काम कर रहे हैं। यह लोग उनके निजी काम निपटाते हैं। वहीं स्वास्थ्य अनुभाग के दो कर्मियों के घर में भी कर्मचारी ड्यूटी बजा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि वाल्मीकि समाज का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान पुरुषोत्तम सरन, शब्द कुमार, नीरज, रविशंकर, संजय, संतोष कुमार, नकुल, चांदीराम, दलीप, नवीन, आकाश आदि रहे।
अफसर और नेताओं के पास ड्यूटी कर रहे सफाईकर्मी
अमरोहा। पंचायती राज विभाग के सफाई कर्मचारियों को राजनेता और अफसरों के पास भेजा गया है। यह लोग गांव में नहीं बल्कि अफसर और नेताओं के काम करते हैं। कर्मचारी संगठनों ने इनको वापस बुलाने की मांग की है। बावजूद इसके कोई पहल नहीं हो सकी है।