। एकीकृत आवास और कच्ची बस्ती विकास परियोजना-आईएचएसडीपी के तहत पक्के मकान की आस 10 साल बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं। दो लोगों ने इसके लिए 16,669-16,669 रुपये भी जमा कर चुके हैं बावजूद इसके इन लोगों को मकान नहीं मिल सका है। आवेदकों ने मकान आवंटन की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि किराए के मकान में रह रहे हैं इसके चलते प्रति महीने किराया चुकाना पड़ रहा है।
आवास के लिए जनवरी 2011 में फॉर्म भरा था। उस वक्त किसी तरह रुपये का बंदोबस्त किया था। इसके लिए 16,669 रुपये जमा भी कर चुकी हूं। जिला नगरीय विकास अभिकरण-डूडा का चक्कर लगाते हुए थक चुकी हूं। किराए के कमरे में रह रही हूं। आवास योजना का लाभ दिलाई जाए ताकि हम लोगों को किराए के मकान से छुटकारा मिल सके।
मकान के लिए 10 साल पहले फॉर्म भरा था। इसके लिए 16,669 रुपये शुल्क भी जमा कर दिया लेकिन अब तक मकान नहीं मिल सका है। डूडा कार्यालय का चक्कर काट रहा हूं। मकान के बारे में अधिकारी कुछ बता नहीं रहे हैं। आवास जल्द से जल्द दिलाई जाए ताकि पक्के मकान में रह सकूं।