गजरौला। पेट्रोल पंप के कैशियर व सुरक्षा गार्ड से 5.5 लाख रुपये लूट कर भागे बदमाशों का पुलिस 36 घंटे बाद भी सुराग नहीं लगा पाई। पुलिस की 15 टीम बदमाशों की तलाश में आस पास ही नहीं बल्कि पड़ोसी जिलों को जोड़ने वाले मार्गों के सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है।
हाईवे किनारे स्थित भारत पेट्रोलियम पंप के कैशियर जबर सिंह व सुरक्षा गार्ड सोमपाल सिंह से नकाबपोश तीन बदमाशों ने बीते सोमवार दोपहर 3.30 बजे 5.5 लाख रुपये लूट लिए थे। दोनों हसनपुर मार्ग स्थित एसबीआई शाखा में रुपये जमा करने जा रहे थे। यह घटना दिल्ली-लखनऊ हाईवे व गजरौला शहर को जोड़ने वाले भानपुर फाटक के पास हुई थी। लूट का विराेध करने पर बदमाशों ने सुरक्षा गार्ड सोमपाल सिंह पर नुकीली वस्तु से हमला कर दिया था। जिससे वह घायल हो गए थे। सुरक्षा गार्ड व कैशियर ने भी बदमाशों से संघर्ष किया था। बदमाशों का बैग छीन लिया था। सुरक्षा गार्ड का दावा था कि उन्होंने बदमाशों पर गोली चलाई। जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी। लेकिन, घायल बदमाश को उसके साथी बाइक पर बैठाकर ले भागे थे।
दिनदहाड़े हुई लूट की घटना से पुलिस अधिकारियों के बेचैनी बढ़ी हुई है। बदमाशों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी। निजी अस्पतालों में भी पुलिस टीम पहुंची। इसके अलावा पुलिस ने बुलंदशहर, हापुड़, संभल, बिजनौर, मुरादाबाद को जोड़ने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। देखा कि किसी सीसीटीवी कैमरे में नकाबपोश बदमाशों की तस्वीर कैद तो नहीं हुई। घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस को बदमाशों का सुराग नहीं मिला। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि बदमाशों की तलाश की जा रही है। अभी कोई सुराग नहीं मिला है।
दिन दहाड़े कैशियर व सुरक्षा गार्ड से 5.5 लाख रुपये की लूट कर भागे तीनों नकाबपोश बदमाश भौगोलिक स्थिति से वाकिफ हैं। बताया जा रहा है कि इसी कारण उन्होंने भागने के लिए अधिकांश स्थानों पर मुख्य मार्ग से बचने का परहेज किया। वारदात को अंजाम देने के बाद चौपला पर जाने की बजाय सुल्तान नगर की तंग गलियों से नवादा मार्ग पर गए। यहां से अल्लीपुर भूड़ होते हुए मछली मंडी से निकल कर कुछ दूर हाईवे पर चलने के बाद गांवों के रास्ते से फरार हुए। रहरा क्षेत्र से होकर बुलंदशहर तक कई स्थानों पर उनकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। लिहाजा बदमाशों की तलाश में पुलिस की टीम बुलंदशहर गईं।
दिन दहाड़े लूट की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे बदमाशों ने पुलिस को चकमा देने के लिए ऐसे मार्गों का इस्तेमाल किया, जिन पर क्षेत्र की जानकारी रखने वाला ही आता जाता है। बाइक सवार तीनों बदमाश मछली मंडी से निकल कर हाईवे पर आए। सीओ कार्यालय के सामने हाईवे पर उन्होंने कुछ देर के लिए बाइक रोकी। जिस बदमाश पर कैश का बैग था। उसे बाइक से उतारा। वह बदमाश एक डीसीएम में सवार हो गया। इसके बाद उसके साथी बाइक सवार दो बदमाश भी भाग गए।
बदमाशों और सुरक्षा गार्ड सोमपाल सिंह व कैशियर का संघर्ष करीब पांच मिनट चला था। चूंकि सुरक्षा गार्ड पर लाइसेंसी बंदूक थी और शरीर से भी मजबूत हैं। इस वजह से दो बदमाश उनसे लिपट गए थे। जबकि एक बदमाश जबर सिंह से कैश से भरा बैग छीनने में लगा रहा था। बदमाशों ने सुरक्षा गार्ड पर पेंचकस से ताबड़तोड़ प्रहार किए थे। जिससे उनके सिर में तीन गहरे घाव हो गए। कंधे व कमर में भी घाव हो गए थे। कंधे पर इस कदर प्रहार किया था कि हड्डी पर जाकर पेंचकस रुका था। उनको तुरंत निकट के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से मुरादाबाद रेफर कर दिए गए। उनका साईं अस्पताल में उपचार चल रहा है। पेट्रोल पंप के मैनेजर अतुल कुमार ने बताया कि उनकी हालत खतरे से बाहर है। ऑपरेशन कराने की जरूरत पड़ सकती है।