मंडी धनौरा। बसपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती का ड्रीम प्रोजेक्ट रही कांशीराम कॉलोनी सरकार बदलते ही बदहाली का शिकार हो गई। कांशीराम कॉलोनी में रहने वाले लोगों को जलापूर्ति के लिए लाखों रुपये खर्च कर ओवरहेड टैंक बनाया गया। कॉलोनी के मकानाें में पाइप भी लगा दिए गए। लेकिन ओवरहेड टैंक से एक बूंद पानी की आपूर्ति भी नहीं की गई। 17 साल बाद भी कॉलोनी के लोगों को एक बूंद पानी इस टैंक से मयस्सर नहीं हुआ। भीषण गर्मी में लोगों की प्यास बुझाने के लिए लगा सरकारी नल भी खराब पड़ा है। उसे जल निगम वाले उखाड़ कर ले गए हैं।
बाईपास मार्ग से बछरायूं को जाने वाले मार्ग पर वाईएमएस कॉलेज रोड पर ग्राम धनौरी खुर्द के रकबे में बसपा सरकार में कांशीराम कॉलोनी बनाई गई थी। साल 2009 में 60 मकान गरीब वर्ग के लोगों को आवंटित किए गए थे। लोगों की पानी की जरूरत पूरी करने के लिए ओवरहेड टैंक भी बनाया गया। मकानों में जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन भी लगा दी गई। लेकिन आज तक ओवरहेड टैंक शुरू ही नहीं हुआ। कॉलोनी में लगा सरकारी नल भी वर्षेों से खराब पड़ा हुआ है। पानी की जरूरत पूरी करने के लिए पूरी कॉलोनी के लोगों के लिए दो स्थानों पर सबमर्सिबल पंप लगाए गए हैं। भीषण गर्मी में बिजली नहीं होने की स्थिति में कॉलोनी के लोगों को पानी नहीं मिलता है। कॉलोनी में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। वहां रहने वाले लोगों का कहना है कि बीते दो साल से पालिका की ओर से कोई सफाई कर्मचारी नहीं आया है। मकानों के प्लास्टर खराब हो चुका है। खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं। लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है।
ओवर हेड टैंक से आसपास के लोगों को भी जलापूर्ति की जा सकती है
मंडी धनौरा। सरकारी धन का दुरुपयोग देखना है तो कांशीराम कॉलोनी से अच्छा उदाहरण नहीं मिलेगा। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि यदि ओवरहेड टैंक शुरू हो जाएं तो आसपास रहने वाले लोगों को भी जलापूर्ति की जा सकती है। कॉलोनी में रहने वाले लोगों का कहना है कि करीब 20 परिवार यहां की नारकीय स्थिति से तंग आकर अपना मकान बंद कर किराए के मकान में रहने चले गए हैं। यहां रहने वाले लोग निर्बल आय वर्ग के हैं। मकान की मरम्मत या टूटी खिड़की कराने की भी उनकी हैसियत नहीं है।
बीते दो साले कॉलोनी की किसी ने भी सुध नहीं ली है। ऐसा लगता है कि शायद हम इस देश के नागरिक नहीं हैं। न तो पालिका और ना ही ग्राम समाज की ओर से कोई सफाईकर्मी यहां नहीं आता है। सुरेश कुमार
कॉलोनी में चारों ओर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नालियों से दुर्गंध उठ रही है। हमें अपने मकान के सामने की नाली स्वयं ही साफ करनी पड़ रही है। परमानंद
कांशीराम कॉलोनी में सरकारी नल काफी सालों से खराब पड़ा हुआ है। अब विभाग वाले नल को ही उखाड़ कर ले गए हैं। बिजली नहीं होने की स्थिति में कॉलोनी के लोगों को पानी उपलब्ध नहीं रहता है। अनिल कुमार
कांशीराम कॉलोनी की स्थिति नरके से भी खराब है। सफाई के लिए कोई भी कर्मचारी यहां नहीं आता है। कॉलोनी में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक रहते हैं। लेकिन सुविधा के नाम पर जीरो है। मनीष कुमार
कॉलोनी में सुरक्षा के लिए गेट तक नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में होने की वजह से सुरक्षा का खतरा रहता है। कॉलोनी के वाशिंदों की सुरक्षा के लिए दिन रात पुलिस की डयूटी होनी चाहिए। सुमन देवी
कई बार पालिका प्रशासन से सफाई के लिए कहा गया है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किसी भी सांसद व विधायक ने आज तक यहां आकर हमारी सुध नहीं ली। रमा देवी