अमरोहा के मोहल्ला शफातपोता में लगी आतिशबाजी की दुकान
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घनी आबादी में आतिशबाजी कारखाने पर पुलिस प्रशासन की चुप्पी ने पांच लोगों की जान ले ली। इसके बाद अफसर सक्रिय हुए तो गाज कोट चौकी इंचार्ज, एचसीपी और बीट के सिपाही पर गिरी। पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवा शिम्पी चनप्पा ने तीनों को निलंबित कर दिया है, हालांकि अभी चौकी पर किसी नए प्रभारी की तैनाती नहीं की गई है।
शहर के मोहल्ला दानिशमंदान नई बस्ती में मंगलवार को एक मकान के ऊपरी तल पर पटाखे बनाने का काम चल रहा था। अचानक यहां विस्फोट के साथ आग लग गई थी, जिसमें आठ लोग बुरी तरह झुलस गए थे। मुरादाबाद के टीएमयू के अस्पताल में इलाज के दौरान अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
मरनेवालों में फातिमा (40) पत्नी लियाकत, इकरा (20) पुत्री जमील, सुहाना (डेढ़ वर्ष), चांदनी उर्फ चंदों पत्नी सिकंदर और मुन्नी (10) पुत्री तजामुल शामिल थीं। गंभीर रूप से घायल निशा और मुमताज का अभी टीएमयू में इलाज चल रहा है।
अवैध रूप से चल रहे कारखाने ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही की पोल खोल कर रख दी थी। इस पर डीआईजी ने मौका मुआयना कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। घटना के एक दिन बाद ही संजीदा हुए एसपी ने कोतवाली की कोट चौकी के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर दी है। एसपी के मुताबिक चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह, बीट के सिपाही संदीप व एचसीपी लाखन सिंह को सस्पेंड किया गया है।