आंधी में बिजली के जर्जर खंभे टूट जाने के कारण अतरपुरा और अवंतिका नगर की आपूर्ति गुल हो गई। फायर स्टेशन के सामने भी बिजली का पोल टूट कर गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। लक्ष्मी नगर में बिजली के तार टूट जाने से बिजली गुल हुई। करीब नौ घंटे बाद शाम को साढ़े चार बजे आपूर्ति सुचारु हो सकी।
सोमवार की सुबह बारिश के साथ आई आंधी ने सबसे अधिक नुकसान बिजली की लाइन को पहुंचाया। अतरपुरा में बिजली का जर्जर हो चुका पोल टूट कर गिर गया। इससे पूरे मोहल्ले की आपूर्ति ठप हो गई। मोहल्ला निवासी हरपाल सिंह, सुशील कुमार, मनित चौधरी, भीष्म आर्य और अवंतिका नगर का कहना है कि सुबह से बिजली नहीं आने के कारण सबसे अधिक दिक्कत पेयजल की हुई। अवंतिका नगर और फायर स्टेशन के सामने लगे बिजली पोल भी आंधी में टूट गए। इस कारण अवंतिका नगर व गंगा नगर मोहल्ले में हजारों की आबादी की बिजली ठप हो गई। उधर लक्ष्मी नगर में बिजली के तार टूट जाने के कारण लोगों को बिजली नहीं मिली। बिजली कर्मियों की दिन भर की कसरत के कारण शाम साढ़े चार बजे तक टूटे पोल बदले गए और तार जोड़े गए। जबकि अतरपुरा में पुराने पोल पर ही वेल्डिंग कराया गया। साढ़े चार बजे आपूर्ति बहाल की गई। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। गनीमत की बात यह रही कि बारिश के कारण मौसम खुशगवार था। वरना लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता। अधिशासी अभियंता नीरज कुमार ने बताया कि साढ़े चार बजे आपूर्ति चालू हो गई।
भानपुर में खोखे के ऊपर गिरा शीशम का पेड़
गजरौला। सुबह आई आंधी बिजली के लिए ही आफत बनकर नहीं आई, बल्कि इसने भानपुर रेलवे फाटक के निकट खोखे को भी ध्वस्त कर दिया। आंधी के कारण बराबर खड़ा शीशम का पेड़ खोखे पर गिर गया। जिससे खोखा जमींदोज हो गया। घंटों की मशक्कत के बाद टूटे पेड़ को हटाया जा सका। पेड़ गिरने से खोखा स्वामी ने हजारों के नुकसान होने की बात कही है। वन दरोगा राकेश कुमार का कहना है कि उनको पेड़ टूटने की जानकारी नहीं है।