नगर पालिका के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और उसमें लगीं तीन अन्य यूनिट को चलाने के लिए बिजली का कनेक्शन देने के लिए विभाग ने लाइन खींचने और खंभे लगाने का काम शुरू कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही बिजली का कनेक्शन हो जाएगा। इसके बाद पालिका को जेनरेटर चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नगर पालिका का औद्योगिक क्षेत्र में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट है। जिसके निकट नगर पालिका ने 33 लाख रुपये खर्च कर एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनवाया था। जिसमें वर्मी कंपोस्ट यूनिट, कई उपकरण व मशीन के साथ ही ने डेस कंपोस्ट यूनिट और बैलिंग मशीन लगवाई। सभी यूनिट के लिए पानी की आपूर्ति को सबमर्सिबल लगवाया।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट व अन्य यूनिट व उपकरण चलाने के लिए पालिका ने तीन महीने पूर्व बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था। जिसके बाद बिजली विभाग ने 25 वाट का कनेक्शन देने के लिए सर्वे कराकर पांच लाख 77 हजार रुपये का एस्टीमेट बनाकर नगर पालिका को दिया। जिस पर पालिका ने बिजली घर में पौने छह लाख रुपये बिजलीघर में जमा किए थे लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग ने नगर पालिका का एमआरएफ सेंटर, सबमर्सिबल व अन्य उपकरण, मशीन और यूनिट चलाने के लिए कनेक्शन नहीं किया। अमर उजाला ने इस खबर को 30 जून के अंक में प्रकाशित किया। जिसके बाद बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी हरकत में आए। पालिका का कनेक्शन करने के लिए कवायद शुरू कर दी। बिजली विभाग ने लाइन खींचने के लिए खंभे भी गाढ़ दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही कनेक्शन हो जाने के बाद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट व अन्य उपकरण बिजली से ही चलेंगे। पालिका को जनरेटर चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पालिका के स्वच्छता प्रभारी एवं वरिष्ठ लिपिक आदेश अग्रवाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि बिजली के कनेक्शन की कवायद शुरू हो गई है।