बिजली की अघोषित कटौती ने नागरिकों का जीना दुश्वार कर दिया है। आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा चुकी है, 24 में बमुश्किल 12 घंटे सप्लाई मिल रही है। कभी इमरजेंसी बताकर, कभी कोई बहाना बनाकर कटौती की जा रही है। लखनऊ कंट्रोल ने रात तीन व दिन में पांच घंटे की कटौती कराई गई। इससे नागरिक चैन से सो भी नहीं पा रहे हैं।
ज्यों ज्यों गर्मी सितम ढहा रही है त्यों त्यों बिजली बेवफा होती रही है। लखनऊ कंट्रोल ने रात 11 बजे इमरजेंसी बताई और रोस्टिंग करा दी। तीन बजे सप्लाई चालू की गई। जिसके बाद छह बजे शेड्यूल के तहत काटी गई। आठ बजे शुरू हुई। 10 बजे आपूर्ति बंद होने के बाद एक बजे सप्लाई सुचारू की गई। घंटा भर बाद फिर बंद कर दी गई। इसके पश्चात दो घंटे सप्लाई ठप रही। चार बजे उसको बहाल किया गया।
दिन भर यही सिलसिला शहर का रहा, जबकि ग्रामीणों को छह सात घंटे भी आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। जिससे वे बेहद परेशान हैं। एक्सईएन दीपक अग्रवाल का कहना है कि, गर्मी में लोड बढ़ गया है। प्रत्येक टीएफ ओवरलोड की समस्या से जूझ रहा है। इसलिए ट्रिपिंग व लो वोल्टेज की समस्या गहराई है। बेहतर सप्लाई अगर शहरी चाहते हैं तो लोड कम करें।