मंडी धनौरा (अमरोहा)। बगद और कृष्णी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए फिर से कवायद शुरू की है। गांव ढ्योटी व सुजमना के बीच खाली पड़े टापू को बगद नदी का उदगम स्थल मानते हुए खोदाई की तैयारी है।
सीडीओ अश्वनी मिश्रा ने शनिवार को परियोजना निदेशक के साथ कई स्थानों का सर्वे कर बगद व कृष्णी नदी के बारे में जानकारी प्राप्त की। कृष्णी नदी का उदगम स्थल जनपद बिजनौर के चांदपुर बताया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी मिश्र ने बताया कि ढ्योटी व सुजमना गांव के बीच खाली टापू ही बगद नदी का उदगम स्थल है। यहां से बगद नदी सुजमना, चौहड़पुर बगद व मूंढाखादर होती हुई गजरौला क्षेत्र में प्रवेश कर रही है। बगद नदी आठ किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैली है। बताया कि कृष्णी नदी भी चांदपुर से निकलकर गांव पपसरा बंगर, फतहउल्लापुर और ग्राम आजमपुर की झील में जाकर समाप्त हो रही है।
सीडीओ ने बताया कि इस बरसाती नदी की जनपद में लंबाई करीब चार किलोमीटर है। बरसात के बाद नदी सूखी रहती है। दोनों नदियों को पुनर्जीवित किया जाएगा। पैमाइश कराने के लिए एसडीएम को पत्र लिखा जा रहा है। नदी की भूमि पर जिन लोगों के कब्जे हैं। कब्जे हटाकर इसकी कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। उसके बाद नदी की भूमि की खोदाई की जाएगी।