तिगरी धाम मेले में जाते श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर-ट्राली की गजरौला में लगी लंबी लाइन।
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तिगरी धाम। कोरोना महामरी के चलते पिछले साल स्थगित रहने के बाद इस बार श्रद्धालुओं में उत्साह, उमंग और आस्था अधिक दिखाई दे रही है। यही वजह है कि पुण्य स्नान को लेकर गंगा तट के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ रहा है। हर कोई तिगरी की ओर दौड़ा चला आ रहा है। ट्रैक्टर ट्रॉलियों, भैंसा बुग्गी, कारों, मैक्स, मैजिक व बाइकों से आकर तिगरी में श्रद्धालु उमड़ते दिखाई दे रहे हैं। गंगा की तलहटी पर आस्था का सैलाब उमड़ा हुुआ है। हाईवे से लेकर तिगरी रोड, कांकाठेर से मेला मार्ग पर श्रद्धालुओं के वाहनों की कतारें लगी हुई हैं। देर रात तक करीब आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
ऐतिहासिक तिगरी गंगा मेले में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। हर-हर गंगे के जयकारों से गंगा घाट गूंजने लगे हैं। ट्रैक्टर ट्रॉलियों में भरकर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। श्रद्धालुओं में आस्था, उमंग, उल्लास है, संस्कृति के विभिन्न रंग हैं। परंपरा के साथ आधुनिकता की बहार दिखाई पड़ रही है। लोग एक तट पर एक उद्देश्य के लिए मां गंगा के आंचल में पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए मौत के कुएं, सर्कस, झूले तैयार हो रहे हैं।
गंगा की तलहटी पर पिकनिक जैसा माहौल बना हुआ है। मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालु गंगा मईया जय के जयकारों के साथ मेला स्थल में कदम रख रहे हैं। तिगरी धाम मां गंगा के जयकारों से गूंज रहा है। फिजा में मानो तो मैं गंगा मां हूं... न मानो तो बहता पानी... जैैसे गंगा मां के गीतों से गूंज सुनाई पड़ रही है। कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान 19 नवंबर की सुबह को है। इससे पहले 18 नवंबर की शाम गंगा घाट किनारे दीपदान होगा। लेकिन इससे पहले रविवार की देर रात तक कई लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। सुबह में गंगा घाट पर स्नान करने को श्रद्धालुु जमघट लग रहा है।
श्रद्धालुओं के पहुंचने का आलम यह था, हाईवे से शुरू होकर रेलवे फ्लाईओवर, इंद्रा चौक, थाना गेट, कुमराला तिराहा, धनौरा रोड, तिगरी रोड, उधर, भानपुर फाटक से लेकर इंद्रा चौक तक श्रद्धालु ही श्रद्धालुओं नजर आ रहे हैं। सड़कों पर जाम जैसे हालत बने हुए हैं।