जिला अस्पताल में दो सप्ताह से ईसीजी मशीन खराब पड़ी है जिससे मरीज निजी अस्पतालों में मोटी फीस देकर ईसीजी कराने को मजबूर हैं।
बारिश के मौसम में उमस बढ़ने से बीमारियों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी-निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। जिला अस्पताल में दिल संबंधी बीमारियों के मरीज बड़ी तादाद में इलाज कराने आ रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों की जांचों के लिए रखी ईसीजी मशीन बीते दो सप्ताह से खराब पड़ी है। इस संबंध में कार्डियोलॉजी विभाग के चिकित्सक ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रशासन से की। बावजूद इसके मशीन को ठीक नहीं कराया गया।
आलम ये है कि रोजाना 20 से 25 मरीज बिना जांच कराए ही लौटने को मजबूर हैं। मरीज निजी चिकित्सालयों में जाकर 200 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की महंगी जांचें कराने को मजबूर हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि ईसीजी मशीन को ठीक कराने के लिए कंपनी भेज दिया गया है। इंजीनियर ने मशीन ठीक होने की बात कही है। जल्द ही मशीन अस्पताल पहुंच जाएगी।