गजरौला थाना क्षेत्र में गंगा के पार कई फार्म हाउस और डेरे हैं। गंगा का खादर और जमीन सस्ती होने के कारण धनवान लोग इस इलाके में फार्म हाउस व डेरे बनाते हैं। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम से सांठगांठ कर वन विभाग और ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा कर लेते हैं। यहीं से जंगल में खूनी खेल शुरू होता है।
गजरौला फार्म मालिक अनिरुद्ध और उनके नौकर रतनपाल भाटी की हत्या से पहले भी गुलालपुर का जंगल खूनी खेल से लाल हो चुका है। अनिरुद्ध के फार्म से कुछ ही दूर दिल्ली निवासी धर्म सिंह वर्मा का फार्म हाउस है। उनकी साथियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। कुछ दिनों बाद दो हत्यारे भी आपसी रंजिश में मारे गए थे।
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गजरौला थाना क्षेत्र में गंगा के पार कई फार्म हाउस और डेरे हैं। लठीरा, फरीदपुर एहतमाली से लेकर गुलालपुर तक जंगल में बने फार्म हाउस व डेरों के बीच किसी किसान के इक्का दुक्का खेत हैं। गंगा का खादर और जमीन सस्ती होने के कारण धनवान लोग इस इलाके में फार्म हाउस व डेरे बनाते हैं।
इसके बाद राजस्व विभाग की टीम से सांठगांठ कर वन विभाग और ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा कर लेते हैं। यहीं से जंगल में खूनी खेल शुरू होता है। सोमवार की रात अनिरुद्ध और उनके नौकर रतनपाल भाटी की हत्या से एक और अध्याय जुड़ गया। अनिरुद्ध के फार्म हाउस से कुछ ही दूरी पर दिल्ली के कोटला निवासी धर्म सिंह वर्मा का फार्म हाउस था।
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जिस पर वह साथियों के साथ रहते थे। चार-पांच साल पूर्व उनके साथियों ने धर्म सिंह वर्मा की हत्या कर दी। कुछ दिनों बाद उनके हत्यारों में भी जमीनी रंजिश शुरू हो गई। हत्यारे भी इस खूनी खेल की भेंट चढ़ गए। उनकी भी हत्या कर दी गई। रतनपाल भाटी धर्म सिंह वर्मा के दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
अनिरुद्ध व रतनपाल भाटी की हत्या की जानकारी होने पर आए एक रिश्तेदार ने बताया कि धर्म सिंह वर्मा का फार्म हाउस गंगा ने काट दिया। उनकी हत्या हो गई। बाद में कुछ जमीन निकल आई। जिस पर खेती की जा रही है। दूर का रिश्तेदार होने के कारण रतनपाल भाटी ही धर्म सिंह वर्मा की जमीन की भी देखभाल करता था।