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Amroha News: बावनखेड़ी की शबनम के पिता की भूमि पर विवाद, कब्जे की कोशिश, हंगामा

Wed, 27 Aug 2025 02:37 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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हसनपुर (अमरोहा)। गांव बावनखेड़ी में 16 साल पहले प्रेमी के साथ मिलकर परिवार के सात लोगों की हत्या करने वाली शबनम के मरहूम पिता शौकत अली के घर की भूमि को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। शौकत अली के तहेरे भाई वजीर अली ने शौकत अली के घर से सटे परिसर की करीब दो बीघा भूमि अपनी बताते हुए बेच दी। खरीदार इस पर कब्जा लेने पहुंचे तो विवाद हो गया। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ।
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करीब 16 साल पहले 2008 में बावनखेड़ी निवासी शौकत अली की बेटी शबनम ने गांव के ही प्रेमी सलीम के साथ मिलकर पिता सहित परिवार के सात लोगों का कुल्हाड़ी से कत्ल कर दिया था। पुलिस ने शबनम और सलीम को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। दोनों को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। इस हत्याकांड के बाद सातों शव उसी घर के परिसर में कब्र खोदकर दफना दिए गए थे। इसके बाद शौकत अली का घर खाली हो गया था। उधर, मौके की नजाकत को देखते हुए मरहूम शौकत अली के छोटे भाई सत्तार अली परिवार के साथ शौकत के घर में रहने लगे और अब तक रह रहे हैं।
मरहूम शौकत अली का घर करीब पांच बीघा से अधिक भूमि में बना हुआ है। इसमें जिस हिस्से में कब्र हैं, उस तरफ करीब दो बीघा जमीन को लेकर अब विवाद बना है। शौकत के तहेरे भाई वजीर अली ने उक्त जमीन पर अपना मालिकाना हक होने का दावा करते हुए हसनपुर निवासी रूबी कौसर को बेच दिया है। वजीर के बेटे सुक्खन का कहना है कि जो जमीन का भाग हमारा है, उस तरफ केवल 17 बिस्वा जमीन शौकत अली की थी। उनका कहना है कि जब कब्र खोदी गईं थी तब सुक्खन पुलिस हिरासत में था, सात कत्ल करने का शक पहले सुक्खन पर ही था। इसलिए कई दिन तक पुलिस ने सुक्खन से ही पूछताछ की थी। इसके बाद चहारदीवारी भी कर ली गई। सोमवार की रात करीब आठ बजे रूबी कौसर जेसीबी लेकर खरीदी गई जमीन पर कब्जा करने गईं थी, जिसका कुछ ग्रामीणों और शौकत अली के भाई सत्तार अली के परिवार ने विरोध कर दिया। हंगामा शुरू हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया।
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यह जमीन हमारे भाई मरहूम शौकत अली की है। उन्होंने तहेरे भाई से करीब तीस साल पहले खरीदी थी। इस जमीन पर ही सात कब्र भी हैं। अब इस जमीन पर वजीर के बेटे सुक्खन की नीयत है। जिसने जालसाजी करके जमीन को बेच दिया है। किसी भी स्थिति में जमीन को नहीं दिया जाएगा। सत्तार अली, मरहूम शौकत अली के छोटे भाई।

- यह जमीन हमारे पिता वजीर अली के नाम पर कागजों में दर्ज है। इसलिए हम कानूनी तौर पर इस जमीन के स्वामी हैं, पिता वजीर अली ने इस जमीन को बेच दिया है। इसपर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। सुक्खन, मरहूम शौकत अली का तहेरा भतीजा


- यह जमीन मैंने वजीर अली से नियमानुसर खरीदी है। मेरे पास बैनामे के कागज हैं। जमीन का दाखिल खारिज भी करा लिया है। शौकत अली और सत्तार अली का इस जमीन पर कोई हक नहीं है। रूबी कौसर, जमीन को खरीदने वाली।

- बावनखेड़ी में चर्चित जमीन को लेकर कुछ विवाद की जानकारी हुई है। पूरी जांच कराने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। - दीप कुमार पंत, सीओ

यह है बावनखेड़ी हत्याकांड का पूरा मामला
बावनखेड़ी गांव निवासी शिक्षक शौकत अली के परिवार में पत्नी हाशमी, बेटा अनीस, राशिद, पुत्रवधू अंजुम, बेटी शबनम व दस महीने का मासूम पौत्र अर्श थे। पिता ने अपनी इकलौती बेटी शबनम को नाजों से पाला था। उसे बेहतर तालीम भी दिलाई गई थी। अंग्रेजी से एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद शबनम शिक्षामित्र बन गई। इसके कुछ ही समय बाद शबनम का गांव के ही आठवीं पास सलीम से प्रेम हो गया। शबनम सैफी तो सलीम पठान बिरादरी से था। इसके कारण शबनम के परिवार को यह रिश्ता स्वीकार नहीं था। इसके बावजूद दोनों का मिलना-जुलना जारी रहा। 14 अप्रैल 2008 की रात को दोनों ने मिलकर पिता शौकत अली, मां हाशमी, इंजीनियर भाई अनीश, भाभी अंजुम, बीटेक के छात्र भाई राशिद, फुफेरी बहन राबिया के कुल्हाड़ी से काटकर और 11 माह के भतीजे अर्श की गला घोटकर हत्या कर दी थी। 19 अप्रैल को हसनपुर कोतवाली पुलिस ने सलीम को गिरफ्तार कर तालाब से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और खून से सने कपड़े बरामद किए थे। बाद में शबनम को भी गिरफ्तार कर दोनों को जेल भेज दिया था।
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