अमरोहा। बरेली सेंट्रल जेल से चकमा देकर भागा नन्हेड़ा राजपूत निवासी दुष्कर्म के दोषी दिनेश को बालक से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा नौ जनवरी को सुनाई गई थी। घटना के समय वह ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था। दिनेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है।
बरेली जेल से भगाने के बाद अमरोहा पुलिस अलर्ट हो गई है। कैदी दिनेश के गांव में भी खुफिया टीम को लगाया गया है। वहीं उसके फरार होने की जानकारी से परिजन अनजान हैं। डिडौली के गांव नन्हेड़ा राजपूत निवासी दिवंगत अरविंद के परिवार रहता है। उनकी पत्नी की भी मौत हो चुकी है। जबकि तीन बेटे गुड्डू, दिनेश व लोकेंद्र हैं। गुड्डू और लोकेंद्र की शादी हो चुकी है। लेकिन दिनेश की शादी नहीं हुई थी। तीनों भाई गांव के पास स्थित ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। 16 नवंबर 2020 में दिनेश ने गांव के ही रहने वाले किसान के 12 वर्षीय बेटे के साथ दुष्कर्म किया था। इस दौरान बालक जंगल में बकरी चराने गया था। मामले में पीड़ित बालक की दादी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने दिनेश जेल भेज दिया था। लेकिन कुछ दिन बाद में दिनेश जमानत पर रिहा हो गया था। लेकिन दिनेश में गांव में झगडा कर लिया जिससे परेशान परिजनों ने खुद ही दिनेश को पुलिस को सौंप दिया था।
इस मामले में 9 जनवरी 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट तृतीय ने दिनेश को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उस समय से दिनेश बिजनौर जेल में ही बंद था। बाद में उसे बरेली जेल शिफ्ट कर दिया गया था। सोमवार को दिनेश के जेल से फरार होने की जानकारी न तो उसके परिजनों को है और न ग्रामीणों को। एसपी लखन सिंह ने बताया कि पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। अगर वह जिले में दाखिल होगा तो उसके गिरफ्तार कर लिया जाएगा। संवाद