चार माह बाद शहनाई की गूंज सुनाई देने वाली है। 11 नवंबर को देवोत्थान एकादशी है, इसके बाद से हिंदू रीति के मुताबिक मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। शादी समारोह की धूम रहेगी। काफी संख्या में युवक-युवती परिणय सूत्र में बंधेंगे। हालांकि, तमाम लोग दस नवंबर(इस दिन शाम से एकादशी) को भी विवाह कर सकते हैं। शुभ मुहूर्त के चलते सभी बैंक्वेट हाल बुक हो चुके हैं। इसके लिए कई माह पहले से बैैंक्वेट हाल की बुकिंग हो चुकी है। चार मार्च तक 32 दिन तक विभिन्न शुभ मुहूर्त में मांगलिक कार्य होते रहेंगे।
तेरह जुलाई वर्ष का अंतिम साया था। तभी से शहनाई की गूंज शांत हो गई थी। अब चार माह बाद फिर बैंक्वेट हाल, धर्मशाला, मैरिज होम में शहनाई गूंजने वाली है। दस नवंबर शाम से देवोत्थान एकादशी शुरू हो रही है, मगर उदया तिथि में 11 नवंबर को एकादशी होने से ज्यादातर लोग इसी दिन एकादशी मनाएंगे। माना जाता है कि, इसी दिन भगवान विष्णु निद्रा से जागते हैं। इसीलिए इस दिन से मांगलिक कार्य शुरू होते हैं। सनातन धर्म में देवोत्थान एकादशी से हिंदुओं के शादी विवाह का साया शुरू होकर भदड़िया नवमी को समाप्त होता है।
शादियों के कम हैं मुहूर्त एक दिन में होंगी कई शादियां
अमरोहा। इस बार शादियों के कम मुहूर्त हैं, ,इसलिए तमाम युवक-युवतियों को शादी के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि दस नवंबर से शादी विवाह का साया शुरू होकर चार मार्च तक 32 दिन ही शहनाई गूंज सकेगी। नवंबर में 10, 11, 16, 23, 24, 25, 30, दिसंबर में 1, 3, 4, 8, 9, 10, 12, 13, जनवरी में 16, 17, 18, 22, 23, 25, 29, फरवरी में 1, 3, 5, 6, 18, 19, 23, 28, मार्च में 1, 4 मार्च। इसके बाद 16 अप्रैल से शादियां शुरू होंगी।