अमरोहा। उपायुक्त स्वत: रोजगार (एनआरएलएम) राजकुमार वर्मा निलंबित कर दिए गए हैं। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास के आदेश पर कार्यभार वापस ले लिया गया है। सिद्धार्थनगर में बीडीओ के तौर पर तैनाती के दौरान लापरवाही के मामले में शासन ने कार्रवाई की है। उन पर मनरेगा के क्रियान्वयन, पीएम आवास समेत अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में लापरवाही के आरोप हैं। उनकी जगह परियोजना निदेशक-डीआरडीए और उपायुक्त मनरेगा को कार्यभार सौंपा गया है। उन्हें आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग के कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल ने बताया कि उपायुक्त स्वत: रोजगार राजकुमार वर्मा को प्रमुख सचिव ने निलंबित कर दिया है। उन पर सिद्धार्थनगर में बीडीओ के तौर पर तैनाती के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप है। इनके पास गजरौला ब्लॉक के बीडीओ का अतिरिक्त प्रभार भी रहा। इसके अलावा सूचनाओं को भेजने में मनमानी की गई है। उन्होंने बताया कि परियोजना निदेशक डीआरडीए और उपायुक्त मनरेगा मिथिलेश तिवारी को उपायुक्त स्वत: रोजगार का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा बीडीओ गजरौला का चार्ज भी दिया गया है। मालूम हो कि जिले में कार्यभार ग्रहण के बाद स्वयं सहायता समूह के गठन समेत अन्य कार्यों की प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं आ सकी है। इसको लेकर कुछ दिन पहले हुई बैठक में डीएम उमेश मिश्र ने नाराजगी जताई थी।