किसानों ने सोमवार को समस्याओं के समाधान की मांग पर सदर तहसील में प्रदर्शन किया। भाकियू शंकर के नेतृत्व में नारेबाजी कर एसडीएम को 12 सूत्री मांगपत्र सौंपा। पांच जून तक समस्याएं के निस्तारण करने की मांग कीं। नहीं होने पर छह जून को कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
सोमवार को भाकियू शंकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिवाकर सिंह के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी और किसान तहसील पर इकट्ठा हुए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हर घर जल-हर घर नल मिशन योजना पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। देश की जनता का लाखों करोड़ रुपया पानी में बहा दिया गया। योजना में बहुत ही घटिया स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। गांवों की सड़कें-खड़ंजे व नालियों को तोड़कर ऐसे ही छोड़ दिया गया। इस कारण ग्रामीणों व पशुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने देश में किसानों को केसीसी के लिए खाता लाइफटाइम के लिए दिए जाने की मांग की। साथ ही जिस बैंक में मिनिमम ब्याज दर की सुविधा हो किसान अपना केसीसी खाता उस बैंक में पोर्ट कराने की सुविधा भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दी है, लेकिन सभी बैंकों ने अभी इसे लागू नहीं किया है। इसका लाभ सभी किसानों को दिया जाना चाहिए, साथ ही तहसील स्तर पर भूमि बंधक या मुक्त करने की प्रक्रिया को सरल किया जाए, जिस से किसानों को तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें।
सरकार द्वारा प्रदेश में जैविक-प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन किसानों द्वारा इस विधि से उत्पादित फसलों का उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाने से वो हताश हो रहे हैं। सरकार को इन सभी फसलों व उत्पादों को उचित मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था भी करनी चाहिए। उन्होंने किसानों को 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति देनी चाहिए। जिससे फसलों की सिंचाई हो सके। इसके साथ ही उन्होंने जिले के समुचित विकास के लिए अमरोहा विकास प्राधिकरण के गठन की भी मांग रखी।
उन्होंने गजरौला में औद्योगिक इकाइयों द्वारा किए जा रहे प्रदूषण पर रोक लगाए जाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इफको के उत्पादों पर देश का किसान भरोसा करता था, लेकिन अब इसके खुलासे से किसान हैरान व परेशान है। यह नकली उर्वरक किसान की भूमि को बंजर बनाने का काम कर रहे हैं, आज से तीन साल पहले संगठन ने इसकी सैंपलिंग कराई थी, जिसमें इसके सभी नमूने फेल पाए गए थे, इन पर रोक लगानी चाहिए। इस दौरान चौधरी धर्मवीर सिंह, जगत सिंह चौहान, विक्रम पंवार,अंकित चौधरी, मोनू चौधरी, बबिता रानी, अशोक चौधरी, मंजू शर्मा, राकेश आदि मौजूद रहे।