अमरोहा। मूंढाखेड़ा के रोजगार सेवक राजकुमार सिंह की हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने सोमवार को एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। धरना देकर नारेबाजी की। परिजनों ने कहा कि विवेचना थाना प्रभारी द्वारा की जा रही है। हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के सात दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और धमकी दे रहे हैं। आरोप है कि यह सब राजनीतिक दबाव के चलते हो रहा है। इसलिए विवेचना जिले के किसी दूसरे थाने या क्राइम ब्रांच से कराया जाए। एसपी अमित कुमार आनंद ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।
परिजनों ने बताया कि 30 अगस्त को करीब चार बजे उनके पिता ब्लॉक से विभागीय काम निपटाकर घर लौट रहे थे। उनकी स्कूटी धनौरा रोड पर पहुंची तो पूर्व प्रधान वीरेंद्र, उनके भाई जितेंद्र और पांच अज्ञात लोगों ने बोलेरो से स्कूटी को टक्कर मार दी। यह कार पहले से ही रोजगार सेवक का पीछा कर रही थी। बाद में आरोपी चालक कार लेकर भेड़ा भरतपुर गांव की तरफ भाग गया। इस कार के पीछे एक बाइक पर सवार दो लोग भी रेकी कर रहे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद वह भी कार के पीछे भाग गए। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
अस्पताल में पहुंचते ही राजकुमार सिंह की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक राजकुमार सिंह ने घायल अवस्था में अस्पताल जाते समय पत्नी बबीता को बताया था कि बोलेरो से टक्कर मारकर पहले गिराया गया और बाद में उन पर कार चढ़ाई गई थी। आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान वीरेंद्र, उसके भाई जितेंद्र और पांच अज्ञात लोगों ने षड्यंत्र के तहत हत्या की थी। रोजगार सेवक के बेटे सजल कुमार की तहरीर पर मूंढ़ाखेड़ा के पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह, उनके भाई जितेंद्र और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। प्रदर्शन करने वालों में सजल कुमार, राजेंद्र सिंह, योगेश्वर सिंह, राम सिंह, जयवीर सिंह, रोबिन कुमार, चेतराम सिंह, मंजू देवी, विमल देवी, वीरावती देवी, उषा देवी, बबिता देवी, निशि आदि मौजूद रहे।