रजबपुर (अमरोहा)। रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव तुगलकाबाद में हथियारबंद छह बदमाशों ने डेयरी संचालक के घर धावा बोल दिया। संचालक के मुंह पर कपड़ा बांधकर उसे कब्जे में ले लिया और घर से नगदी और जेवरात सहित लाखों का सामान लूट लिया। विरोध करने पर तमंचे की बटों से पीटकर घायल कर दिया। बाद में उसे मकान परिसर में खड़े पिलखन के पेड़ से बांध डाल गए। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ित के शोर मचाने पर परिजनों की आंख खुल गई। पुलिस ने पीड़ित परिवार से चोरी की तहरीर ली है। घटना के बाद पूरे परिवार में दहशत का माहौल है।
लूटपाट की यह वारदात रजबपुर थानाक्षेत्र के तुकलाबाद गांव की है। यहां पर स्व. मदनपाल सिंह का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे आकाश और विकास हैं। आकाश की शादी हो चुकी है, उसकी पत्नी राजबाला भी साथ रहती है। आकाश गांव में ही दूूध की डेयरी चलाता है। आरोप के मुताबिक शनिवार की रात पूरा परिवार खाना सोया था। सास-बहू घर में नीचे सो रही थी, जबकि दोनों भाई छत पर सो रहे थे। रात्रि में करीब डेढ़ बजे आकाश शौच के लिए नीचे आया था। जैसे ही वह शौचालय की तरफ पहुंचा तभी तमंचों से लैस दो बदमाशों ने उसे पकड़ लिया और मुंह पर कपड़ा बांध दिया। उसे कपड़े और रस्सी से पिलखन के पेड़ से बांध दिया। जबकि चार बदमाशों ने घर के कमरे में रखी 1.50 लाख रुपये की नकदी और तीन सोने की अंगूठी, एक जोड़ी कुंडल, एक जोड़ी पाजेब, एक मंगलसूत्र और चेन लूट ली। इसके बाद पांच बदमाश गेट खोल कर निकल गए, जबकि एक बदमाश गेट बंद कर दीवार से कूदकर भाग गया।
बदमाशों के जाने के बाद पीड़ित डेयरी संचालक ने शोर मचाया तो घर में सो रही परिजनों की आंख खुल गई। शोर सुनकर थोड़ी ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच पड़ताल की। पुलिस ने पीड़ित परिवार से चोरी की घटना की तहरीर ली है। वहीं बदमाशों की पिटाई से पीड़ित डेयरी संचालक को गुम और खुली चोटें आई हैं। घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है।
बहनोई को देने के लिए इकट्ठा किए थे रुपये
रजबपुर। पीड़ित डेयरी संचालक आकाश ने बताया कि नवादा गांव में उसके बहनोई शीशपाल रहते हैं। उन्हें जमीन खरीदनी थी। इसलिए डेढ़ लाख रुपये उन्हें देने के लिए इकट्ठा किए थे। इसमें कुछ रुपये डेयरी का पेमेंट था, जबकि कुछ पैसा अन्य संसाधनों से जुटाया था।
लूट-डकैती की वारदात की तहरीर पुलिस ने चोरी में ली
रजबपुर। पुलिस बदमाशों की चुनौती से बचना चाहती है। उच्चाधिकारियों की फटकार और जवाबदेही से बचने के लिए तरह-तरह के विकल्प तलाशती रहती है। ये ही वजह है कि पुलिस अपनी रटी हुई थ्योरी से लूट और डकैती की घटनाओं को चोरी में दर्ज कर लेती है। ऐसा ही तुकलाबाद की डकैती में हुआ है। हथियारबंद बदमाशों ने डेयरी संचालक को बंधक बनाकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है, बदमाश छह थे, इसलिए यह घटना डकैती होती है। लेकिन, पुलिस ने पीड़ित से चोरी की तहरीर ली है। जबकि पीड़ित डेयरी संचालक जिस तरह घटना को बयान कर रहा है, उससे डकैती की घटना बनती है। हालांकि देर शाम तक पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।