अमरोहा से मृतक सिपाही शिवनंदन का फाइल फोटो।
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अमरोहा/हसनपुर/रहरा। जनपद में डेंगू और बुखार का कहर थम नहीं रहा है। बीमारी की रोकथाम में जिला प्रशासन पूरी तरह फैल हो गया। बुखार से एक सिपाही की मौत हो गई जबकि सपा नेता और सभासद सहित डेंगू के 36 मरीज मिले हैं, जबकि सरकारी अस्पतालों में बुखार के 383 मरीज मिले हैं। नौगांवा सादात के पीपली घोसी गांव के हालात अभी खराब हैं। जिले में डेंगू-बुखार के बढ़ते प्रकोप से लोगों में दहशत का माहौल है। एक दिन में डेंगू के 36 मरीज मिलना अब तक रिकार्ड है। इससे पहले नौ अक्तूबर को एक साथ 28 मरीज मिले थे।
बुखार से जान गंवाने वाले सिपाही शिवनंदन (46) मूल रूप से रामपुर जनपद के मिलक के निवासी थे। वर्तमान में डिडौली कोतवाली की जिवाई चौकी पर तैनात थे। तीन पहले बुखार आने पर परिजनों ने उन्हें पहले मुरादाबाद फिर बरेली में भर्ती कराया था। गुरुवार शाम उनकी मौत हो गई। उधर, हसनपुर नगर पालिका परिषद के सभासद अरविंद सिंह उर्फ अन्ना को पिछले तीन दिन से बुखार आ रहा था। उन्होंने टेस्ट कराया तो डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। वह पिछले आठ दिन से बुखार से पीड़ित थे, उनका इलाज गजरौला के निजी अस्पताल में चल रहा है। जबकि रहरा थानाक्षेत्र के हैदलपुर निवासी एवं समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव यशवीर नागर भी कई दिन से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने उपचार के लिए उन्हें मेरठ ले गए। जहां उन्हें डेंगू की पुष्टि हुई है।
सीएमओ डॉ संजय अग्रवाल ने बताया कि गुरूवार को जनपद के सरकारी अस्पतालों में 3456 मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। इसमें 283 मरीज केवल बुखार के मिले हैं। जबकि 36 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 92 लोगों के टेस्ट में टाइफाइड के तीन मरीज मिले हैं। जबकि 32 मरीज डायरिया के ग्रस्त मिले हैं। सामान्य लक्षण वाले मरीजों को दवा दी गई है। जबकि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उधर, नौगांवा सादात क्षेत्र के पीपली घोसी गांव में हालात अभी नहीं सुधरे हैं। यहां पचास से अधिक लोग डेंगू और बुखार से पीड़ित हैं। जिनका इलाज मेरठ और अमरोहा के निजी अस्पतालों में चल रहा है।