संभल। मेरी बहन तो बहुत सीधे स्वभाव की थीं और उनकी चारों बेटियां भी उनके व्यवहार पर ही गई थीं लेकिन बहन का पति और बेटा सनकी थे। इसलिए बहन और उनकी चारों बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी। इन दोनाें बाप-बेटे को सजा दिलाने के लिए हम पैरवी करेंगे। यह बात सरायतरीन निवासी दानिश ने शनिवार को कही है। बहन और चार भांजियों की हत्या का दानिश को सदमा बहुत है। वह आसमा का छोटा भाई है।
हयातनगर थाना क्षेत्र के सरायतरीन निवासी दानिश ने बताया कि दो भाई और चार बहनों में आसमा सबसे बड़ी थीं। 25 वर्ष पहले बदायूं जिला निवासी बदरूद्दीन से शादी की थी। वर्ष 2008 में बदरूद्दीन पूरे परिवार के साथ संभल आ गया था। उसके बाद दिल्ली में सिलाई का काम करता था। वर्ष 2011 में आगरा जाकर बस गया था और वहीं मकान ले लिया था। दानिश ने बताया हमें लगता था कि उनकी बहन खुश रहती है लेकिन जब लखनऊ ले जाकर हत्या कर दी तो हकीकत सामने आई है। दानिश ने बताया कि आगरा में पड़ोसियों ने बताया है कि डराकर पूरे परिवार को बाप-बेटे रखते थे। पड़ोसियों से अजमेर जाने की बात कहकर उनकी बहन गई थी लेकिन लखनऊ क्यों पहुंचे यह किसी को नहीं पता और वहां हत्या कर दी। दानिश का कहना है कि वह दोनों बाप-बेटे सनकी हैं। उनको अब सजा दिलाने के लिए पैरवी की जाएगी। जिससे उन्हें फांसी की सजा हो जाए।
कोई रिश्तेदार नहीं रखता मतलब, इसलिए सरायतरीन लाए शव
दानिश ने बताया कि उनकी बहन आसमा भांजी अल्शिया (19), रहमीन (18), अक्सा (16) और आलिया (9 ) के शव को सरायतरीन में दफन इसलिए किया है क्योंकि सनकी बाप-बेटे से इनका कोई रिश्तेदार भी मतलब नहीं रखता है। पड़ोसी भी नहीं बोलना चाहते थे। इसलिए कहां दफन करते, सरायतरीन ले आए। वहीं दूसरी आरे आसमा के परिवार के लोग और रिश्तेदार इस हत्याकांड से सदमें में हैं। सभी यही सोच रहे हैं कि आखिर पूरे परिवार की क्या खता थी।