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रिकार्ड खंगालने के लिए लगाया स्टाफ घपले से घबराया बाबू नहीं ले रहा चार्ज

Mon, 08 May 2017 01:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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जांच - फोटो : demopic
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लाखों का घपला हुआ है या फिर रिकार्ड में हेराफेरी। बहरहाल लाखों की गड़बड़ी से जनपद अस्पताल के पूरे स्टाफ में हड़कंप मचा है। एक ओर जहां सीएमएस ने बिल बाउचरों को तलाशने व रिकार्ड को दुरुस्त करने के लिए चीफ फार्मासिस्ट समेत कई कर्मचारी लगाए हैं, वहीं रिटायर्ड लिपिक का चार्ज घपलेबाजी के कारण अभी कोई भी बाबू लेने को तैयार नहीं है। बार-बार सेवानिवृत्त कर्मी को बुलाकर अभिलेखों को खंगालने में अस्पताल अधिकारी व कर्मी जुटे हैं।
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केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के तहत हर साल की तरह वर्ष 2016-17 का बजट उपलब्ध कराया गया था, जिसमें अन्य कार्यों के अलावा संविदा के रूप में तैनात कर्मचारियों का मानदेय भी शामिल था।

अस्पताल प्रशासन ने पूरा बजट खर्च कर दिया, लेकिन कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं दी। हैरानी की बात ये है कि जिला लेखा प्रबंधक को भी खर्च की बाउचर व अन्य रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया। बार-बार मांगने के बाद भी अधिकारियों ने करवट नहीं ली। 
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लाखों की घपलेबाजी के चक्कर में ही कर्मचारियों की तन्ख्वाह फंस गई। हालांकि डीएएम ने उच्चाधिकारियों से बातचीत कर कर्मियों का मानदेय खाते में भिजवाने की बात कही है। बजट खर्च के बाउचर व अभिलेख अस्पताल कर्मियों द्वारा नहीं प्राप्त कराना बताया है। 

इधर शासन तक मसला पहुंचने के बाद सीएमएस द्वारा रिकार्ड को मजबूत बनाने की कार्रवाई छेड़ दी गई है। इसके लिए उन्होंने चीफ फार्मासिस्ट के अलावा अन्य कर्मी भी लगा दिए हैं। रिटायर्ड बाबू का चार्ज घपले के कारण अभी किसी ने नहीं लिया है। 
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