अमरोहा। नोएडा के दादरी के रहने वाले अखिलेश कुमार ने 12वीं के फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र से यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर नौकरी हासिल कर ली। चाचा की शिकायत पर जांच हुई तो मामला सही पाया गया। इसके आधार पर सिपाही को बर्खास्त कर दिया गया है।
जांच में पुष्टि होने के बाद प्रतिसार निरीक्षक ने आरोपी सिपाही और शिकायत करने वाले उसके सगे चाचा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी सिपाही ने शपथपत्र देकर शिकायत करने वाले चाचा के द्वारा ही फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र तैयार करने की बात कही है। इसके आधार पर उसके चाचा को भी आरोपी बनाया गया है।
अखिलेश कुमार 2011 में यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। 2023 में उसकी तैनाती अमरोहा जनपद में थी। जनवरी 2023 में उससे सगे चाचा विनोद कुमार ने लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय गोपनीय शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया कि अखिलेश ने 12वीं के फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के सहारे पुलिस में सिपाही की नौकरी हासिल की है। शिकायत के आधार पर जांच हुई तो हकीकत से पर्दा उठा गया।
दरअसल, अखिलेश ने ज्योति इंटर काॅलेज सेमरी जनपद बलिया की फर्जी मार्कशीट लगाई थी, जो वर्ष 2009 की थी। इसकी यूपी बोर्ड से उसकी पुष्टि नहीं हुई। चाचा विनोद ने अखिलेश की 12वीं की दूसरी मार्कशीट भी प्रस्तुत की थी। ज्योति इंटर कॉलेज की दूसरी मार्कशीट में अखिलेश अनुत्तीर्ण था। जांच में दोनों के अनुक्रमांक भी भिन्न मिले थे।
एसपी ने 2024 में किया था निलंबित
वर्ष 2024 में अखिलेश कुमार दोषी पाया गया। लिहाजा तत्कालीन एसपी ने उसे निलंबित कर दिया था। इसके बाद जांच अधिकारी तत्कालीन एएसपी राजीव कुमार ने अखिलेश कुमार को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए कहा। अपना पक्ष रखते समय आरोपी अखिलेश ने चौंकाने वाला खुलासा किया। इसमें अखिलेश ने अपनी मार्कशीट फर्जी होने की बात कबूल की। साथ ही मार्कशीट शिकायतकर्ता अपने चाचा विनोद कुमार द्वारा बनवाकर देने की बात कही। बताया कि नौकरी लगने के बाद उनका आपसी विवाद हो गया था। इसके चलते विनोद कुमार ने यह शिकायत की है। इस पूरे फर्जीवाड़े का सूत्रधार उसका चाचा ही है।
- जांच में दोषी पाए जाने के बाद सिपाही अखिलेश कुमार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही देहात थाने में अखिलेश और उसके शिकायतकर्ता चाचा विनोद कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई गई है। - अमित कुमार, एसपी अमरोहा