अमरोहा विकास भवन में गुरुवार को प्रशिक्षण देते ट्रेनर। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए अब कर्मचारी गांधीगिरी करेंगे। लोगों को समझाने और उनकी सोच बदलने के लिए उनका पांव भी पकड़ेंगे। इसके लिए मास्टर ट्रेनर और प्रशिक्षणार्थी गांव-गांव जाएंगे। इसके अलावा गांव-गांव में खुले में शौच करने वालों को पकड़ने के लिए निगरानी समितियों का भी गठन करेंगे। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के साथ ही ग्रामीण अंचलों में प्रशासन ने प्रशिक्षणार्थियों को उतार दिया है।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिले के गांवों को प्रशासन की ओर से खुले में शौच मुक्त बनाने की मुहिम छेड़ी गई है। इसके तहत सबसे पहले गंगा किनारे के 41 गांवों को इसके लिए चिह्नित किया गया है। इनके लिए विभाग ने जनपद स्तरीय अधिकारी नोडल के रूप में तैनात किए हैं। गांव के चुनिंदा युवक व युवतियों को बाकायदा पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षणार्थी व मास्टर ट्रेनरों की टीम को गांवों में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत गुरुवार को छह-छह लोगों की टीम गांव चकनवाला मुस्तकम, मुरादपुर, अलीनगर व तिगरी में गई। जहां के लोगों को टीमों के सदस्यों ने प्रेमभाव के साथ खुले में शौच न करने की अपील की।
इस संबंध में डीपीआरओ जाहिद हुसैन ने बताया कि गांधीगिरी के जरिए ही टीमें ग्रामीणों को समझाएंगी। टीमों का मकसद सिर्फ ग्रामीणों को खुले में शौच करने से रोकना है। चाहे वह मिन्नत से मानें या फिर हाथ-पांव जोड़ने पर।