जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को माटीकला से संबंधित दैनिक उपयोग की वस्तुएं बनाना, सजावटी वस्तुएं बनाना, खिलौने एवं मूर्तियां, मिट्टी के उत्पादों पर कटिंग-चित्रकारी-नक्कासी आदि विधाओं का प्रशिक्षण व बैंको से ऋण प्राप्त कर इकाइयां स्थापित करने के लिए योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
15 दिवसीय शिल्पकारी प्रशिक्षण प्राप्त करने के युवक एवं युवतियां आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्रों का चयन विभाग अथवा शासन द्वारा गठित चयन समिति द्वारा किया जाएगा। इसके बाद चयनित आवेदकों को 15 दिन का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान भोजन आदि की निशुल्क व्यवस्था रहेगी। इसके लिए वेबसाइट upmatikalaboard.in पर ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। इसके अलावा ऑफलाइन आवेदन भी कार्यालय में जमा किया जा सकता है।