परिषदीय स्कूलों में शिक्षा पाने वाले बच्चों को यूनिफार्म व स्टेशनरी के लिए उनके अभिभावकों के खाते में पैसा भेजा जाता है। जुलाई से पहले बच्चों को यह रकम दिए जाने के लिए विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बच्चों का डाटा पोर्टल पर फीड किया जा रहा है। करीब 50 फीसदी बच्चों को डीबीटी के माध्यम से पैसा भेजा जा चुका है। वहीं वेरिफाइड करने का काम भी तेजी के साथ चल रहा है।
जिले में 1266 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें 91,972 बच्चे पंजीकृत हैं। साथ ही स्कूलों में बच्चों का पंजीकरण भी किए जा रहे हैं। बच्चों को डीबीटी के माध्यम से राशि दिए जाने के लिए पोर्टल पर डाटा फीड किए जाने का काम चल रहा है। मंशा है कि जुलाई तक डीबीटी के तहत बच्चों के अभिभावकों के खातों में पैसा भेज दिया जाए।
इसके लिए अभिभावकों को 1200 रुपये की राशि दी जाती है। जिससे बच्चों की यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्टेशनरी आदि खरीदना होता है। बीएसए डॉ मोनिका ने बताया कि बच्चों का डाटा पोर्टल पर फीड कराया जा रहा है। कुल पंजीकृत 91972 बच्चों के सापेक्ष 86,789 बच्चों का डाटा वेरीफाइड किया जा चुका है, जबकि 57,438 बच्चों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी की राशि भेज दी गई है।
उन्होंने बताया कि कोशिश की जा रहा है आधार कार्ड की वजह से बच्चों को डीबीटी की राशि न रुके। उन्होंने कहा कि जुलाई तक अभिभावकों के खातों में राशि भेजे जाने की कवायद पूरी हो जाएगी। संवाद