गजरौला। छह माह के बच्चे की नानी के घर मौत हो गई। मौत से पहले बालक की तबियत खराब होने पर उसकी नानी ने एक झोलाछाप और मेडिकल स्टोर संचालक से दवाई दिलाई थी। उसे इंजेक्शन लगाया था। उसकी मौत के बाद परिजनों ने झोलाछाप के यहां काफी देर हंगामा किया। उसे बालक की मौत का जिम्मेदार ठहराया। आरोप लगाया कि बालक को गलत इंजेक्शन लगाया था। जिससे उसका शरीर नीला पड़ा और दम तोड़ दिया।
नई बस्ती मोहल्ला निवासी एक शख्स का छह माह का बेटा नगर के ही मोहल्ला आजाद नगर में अपनी नानी के यहां रहता है। नानी ही उसका पालन पोषण करती है। रविवार सुबह बच्चे की तबियत खराब हो गई। जिसके चलते उसकी नानी अपने उसको स्टेशन रोड पर एक झोलाछाप के यहां दवाई दिलाने गई। बताया जाता है कि यहां बच्चे को इंजेक्शन लगाया गया और कुछ खाने की दवाई दे दी। घर जाकर देखा तो उसका शरीर नीला पड़ गया। थोड़ी ही देर में उसकी हालत बिगड़ गई। उसकी नानी के बुलाने पर पड़ोसी भी आ गए। बच्चे को निजी चिकित्सक के पास ले जा रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजन और मोहल्ले के लोग एकत्र होकर झोलाछाप के यहां पहुंचे। उसे बच्चे की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए काफी देर तक हंगामा किया। यहां हंगामा और शोर शराबा सुन आस पास के लोग इकट्ठा हो गए। सूचना पाकर पुलिस पहुंची। घटना की जानकारी ली। इस संबंध में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई। पुलिस कार्रवाई बिना उसके शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। थाना प्रभारी विनय कुमार का कहना है कि इस मामले की उनको जानकारी नहीं है।