रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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पालिकाध्यक्ष का कक्ष बुधवार को अखाड़ा बन गया। स्टाफ नर्स (साली) को अचानक कार्यालय में देख बचने के लिए पालिकाध्यक्ष के कक्ष में पहुंचे कर्मचारी को पालिकाध्यक्ष्ा भी नहीं बचा पाए। दोनों में खूब जूतम-पैजार हुई। इससे दफ्तर में हड़कंप मच गया। जिसे देखो वही चेयरमैन कक्ष तक चला आया। किसी तरह दूसरे कर्मचारियों ने धकियाकर दोनों को कक्ष से बाहर निकाला। पूरा मसला जानने के बाद अधिशासी अधिकारी ने जीजा को निलंबित कर दिया है। साथ ही प्रकरण की जांच जेई को सौंप दी है।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जिला अस्पताल में तैनात एक स्टाफ नर्स नगर पालिका पहुंची। जहां उसने हाथों में सैंडिल ले लिया। इसी दरम्यान निर्माण विभाग में चतुर्थ श्रेणी पद पर तैनात कर्मचारी आलोक की निगाह उस पर पड़ गई। आलोक स्टाफ नर्स का जीजा है। उससे बचने के लिए दफ्तर से निकलकर वह सीधे पालिकाध्यक्ष अफसर परवेज के कक्ष में घुस गया। यहां भी नर्स पहुंच गई। इसके बाद तो दोनों में जमकर मारपीट हुई।
नर्स की चीख पुकार सुनकर ऑफिस में खलबली मच गई। शोर सुनकर पहुंचे कर्मचारियों ने दोनों को धक्के देकर बाहर निकाला और बीच-बचाव कराया। इसके बाद कर्मियों ने युवती से पूरा मसला जाना। उसने बताया कि आलोक रिश्ते में उसका जीजा लगता है, जिसने अस्पताल में उसके साथ गाली गलौज, मारपीट की थी। सबके सामने यह हरकत की थी।
बेवजह उसने ऐसा किया है। उसकी करतूतें खोल दूं तो हंगामा हो जाएगा। बहरहाल समझाकर कर्मियों ने उसको घर भेज दिया। थोड़ी देर बाद ही चेयरमैन भी पालिका में आ गए। कक्ष में मारपीट की बात सुनते ही सन्न रह गए। संबंधित कर्मी पर कार्रवाई की बात कही।