अमरोहा। विभागीय जांच करने गजरौला पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी की कार को एआरटीओ ने सीज कर थाने में खड़ा करा दिया। इसके बाद नोडल अधिकारी को लिफ्ट लेकर अमरोहा लौटना पड़ा। एआरटीओ का दावा है कि वाहन बिना टैक्सी परमिट के संचालित किया जा रहा था। वाहन का मालिक स्वास्थ्य विभाग में सरकारी एंबुलेंस का चालक है।
स्वास्थ्य विभाग में ठेके पर अधिकारियों के लिए वाहन अधिग्रहण किए गए हैं। नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र को भी एक वाहन (कार) विभागीय कार्यों के लिए दी गई है। बुधवार दोपहर डॉ. सुरेंद्र सिंह गजरौला में विभागीय जांच के सिलसिले में गए थे। इस दौरान चौपला के पास एआरटीओ एके राजपूत वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी उन्होंने नोडल अधिकारी के वाहन से संबंधित कागज चेक किए और बिना टैक्सी परमिट के वाहन संचालित करने के आरोप में उसे सीज कर दिया। इसके बाद कार को गजरौला थाने में खड़ा करा दिया गया। वाहन सीज होने के बाद नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र परिचितों से लिफ्ट लेकर अमरोहा पहुंचे। एआरटीओ एके राजपूत ने बताया कि वाहन को बिना टैक्सी परमिट के चलाया जा रहा था। जिसे चलते उसे सीज कर दिया है। जांच पड़ताल में सामने आया है कि वाहन का मालिक खुद स्वास्थ विभाग में सरकारी एंबुलेंस का चालक है। इसकी रिपोर्ट भी स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है।