फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: बिना अग्निशमन यंत्र सड़कों पर दौड़ रहीं बसें

Tue, 08 Apr 2025 01:59 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। भीषण गर्मी में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लेकिन, परिवहन निगम इसको लेकर गंभीर नहीं है। डिपो की रोडवेज बसें बिना अग्निशमन यंत्र के सड़कों पर दौड़ रही हैं। साथ ही जिनमें अग्निशमन यंत्र लगे भी है। वह भी एक्सपायर हो चुके हैं। उधर, पुरानी बसों में वायरिंग की हालत भी दयनीय है। निजी बसों का भी यही आलम है।
विज्ञापन

जिले में फर्राटे भर रहीं ज्यादातर बसें अग्निशमन यंत्र के बिना ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। बिना अग्निशमन यंत्र के दौड़ रही बसों में निजी भी हैं। इन बसों में अग्निशमन यंत्र या तो गयाब हैं या फिर मात्र शोपीस बने हैं। जिले की रोडवेज बस अड्डे से मौजूदा समय 95 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें 33 बसें नई हैं। अन्य पुरानी हैं।
निगम की नई बसों में तो अग्निशमन यंत्र देखने को मिल रहा है, लेकिन पुरानी बसों से अग्निशमन यंत्र नहीं हैं। इसके अलावा अधिकांश निजी बसों से अग्निशमन यंत्र नदारद है। परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा माह का आयोजन कर बस मालिकों व चालकों को यातायात नियमों का पाठ भी पढ़ाया जाता है, लेकिन बसों में अग्निशमन यंत्र लगाने के लिए कभी भी प्रेरित नहीं जाता।
विज्ञापन


पुरानी बसों में वायरिंग की हालत भी दयनीय
रोडवेज की पुरानी हो चुकीं बसों में कइयों में वायरिंग की हालत दयनीय हो चुकी है। चालक पुरानी बसों में अपने मनमाने ढंग से वायरिंग को काटकर अपने व्यक्तिगत प्रयोग के लिए तार जोड़ लेते हैं। बसों में इन्हीं लूज कनेक्शनों से शॉर्ट-सर्किट की संभावना अधिक होती है और आग लगने का खतरा भी बना रहता है। पुरानी बसों में सबसे अधिक आग लगने की संभावना होने के बावजूद अग्निशमन यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बारीकी से ध्यान रखा जाता है। बसों की निरंतर जांच की जाती है। बसें अग्निशमन यंत्र लगे हैं, अगर किसी में नहीं है तो लगवाएं जाएंगे। अग्निशमन यंत्र की मानक अवधि एक साल की होती है। अगर बसों में सिलिंडर नहीं मिले हैं, तो रीफिलिंग के लिए भेजे गए होंगे। -अनिल कुमार, एआरएम
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें