अमरोहा। शहर से गांव तक अधिकतर सड़कों पर गहरे-गहरे गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं। हर साल सड़कों के गड्ढें भरने के लिए अभियान चलता है और बजट भी जारी होता है, लेकिन जिले की सड़कें अपनी बदहाली के आंसू बहा रही हैं।
जिले के व्यस्त इलाकों की सड़कों पर गड्ढों ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दी है। बारिश के दौरान जलभराव होने से यह गड्ढे और भी ज्यादा खतरनाक हो गए हैं। खासकर दोपहिया, ऑटो और ई-रिक्शा पलट जाते हैं। वहीं, कई बार कार या अन्य वाहन फंसने से जाम भी लग जाता है, लेकिन तमाम शिकायतों के बावजूद अफसर इस समस्या के प्रति लापरवाह बने हुए हैं।
पीडब्ल्यूडी विभाग का गड्ढा मुक्ति अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित है। सावन माह की कावड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू हो रही है। सरकार ने भी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन सरकार के निर्देशों का कितना पालन होता है। कदम-कदम पर बने गड्ढे इसकी गवाही दे रहे हैं, जबकि, शहर में सड़क निर्माण और मरम्मत समेत देखभाल के लिए तीन विभाग की जिम्मेदारी है, इसमें नगर पालिका, पीडब्लूडी और एनएच विभाग शामिल है।
तीनों विभाग सड़क निर्माण और मरम्मत पर सलाना कराेड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं। बावजूद इसके सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हो पाती हैं। अब बरसात का मौसम चल रहा है। ऐसे में सड़कों पर चलना और भी जोखिम भरा रहेगा। बारिश का पानी भर जाने से सड़कों के गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं। अनजान व्यक्ति रात के अंधेरे में इन गड्ढों वाली सड़कों से गुजर जाए, तो बिना चोट खाए रह ही नहीं सकता। कई बार चार पहिया वाहन भी गड्ढों में फंस जाते हैं, जबकि बाइक सवार अक्सर गिरकर चोटिल होते रहते हैं। बावजूद इसके अधिकारी उदासीन हैं। शनिवार को अमरोहा शहर में बिजनौर रोड, नौगांवा सादात रोड पर बड़ी संख्या में गहरे गड्ढे थे।
जर्जर मार्ग से होकर गुजरेंगे शिवभक्त
हसनपुर। 11 जुलाई से सावन माह की कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है, लेकिन इस बार शिवभक्तों की राह आसान नहीं होगी। शिवभक्तों की राह में जर्जर सड़क और गड्ढे परेशानी का सबब बनेंगे। हसनपुर से रहरा मार्ग पर गांव रूस्तमपुर में सड़क जर्जर अवस्था में है। यहां बारिश होने पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है। यहां से कांविड़यों का गुजरना दूभर हो जाएगा। बार-बार शिकायत के बाद भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कीचड़ व जलभराव से गुजरने को मजबूर होंगे शिवभक्त
ढबारसी। क्षेत्र के हजारों की संख्या में सावन के सोमवार पर शिवभक्त कोकापुर में स्थित शिव मंदिर पर जलाभिषेक करते हैं, लेकिन इस बार उन्हें मंदिर को जाने वाले मार्ग पर कीचड़ व जलभराव से गुजरना होगा। इससे शिवभक्तों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। मंदिर से करीब चार किलोमीटर पीछे गांव तिगरिया नादिरशाह तक सडक पर बने गड्ढों में जलभराव है। ग्रामीण विकास कुमार, कमल कुमार ने बताया कि ये जलभराव पिछले कई वर्षों से है।
- सड़कों को गड्ढामुक्त किया जा रहा है, अगर कहीं सड़क गड्ढामुक्ति से रह गई है तो उन्हें भी ठीक कराया जाएगा। सड़कों की मरम्मत और गड्ढा मुक्ति का कार्य विभाग की प्राथमिकता में है। - इंजीनियर आजम वारिस, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग