डिडौली (अमरोहा)। आग से झुलसी शिक्षामित्र दीप्ति की शनिवार को मौत हो गई। उनका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था। आरोप है कि 29 जून की रात पति ने ही शिक्षामित्र को कमरे में बंद कर आग लगाई थी। मामले में पति समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज है। विवाहिता की मौत के बाद अब मुकदमे में धाराओं की बढ़ोतरी की जाएगी। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के ढेला नगला गांव निवासी समरेश पाल सिंह की बेटी दीप्ति आर्य उर्फ संजू देवी की शादी करीब 17 साल पहले संभल जिले के भंडा गांव निवासी राजीव कुमार के साथ हुई थी। दीप्ति डिडौली क्षेत्र के शेखूपुर स्थित प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र थी। पिता समरेश पाल के आरोप के मुताबिक दीप्ति का पति राजीव शराब व जुए का आदी है। वह आए दिन शराब के नशे में दीप्ति के साथ मारपीट करता था।
दीप्ति के नाम पर डिडौली, अमरोहा व ढबारसी में तीन प्लॉट हैं। जिन्हें ससुराल वाले बेचने का दबाव बनाते हैं, जबकि दीप्ति प्लॉट नहीं बेचना चाहती है। आरोप है कि 29 जून की रात करीब एक बजे राजीव ने दीप्ति को जान से मरने के लिए से कमरे में ले जाकर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया था।
बेटी ने फोन से दी थी मामा को जानकारी
दीप्ति की बेटी गनुराज ने छत पर जाकर मामा को फोन कर घटना की जानकारी दी थी। इस पर पहुंचे मायके वालों ने किसी तरह दरवाजा खोलकर दीप्ति को बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर रूप से झुलसी दीप्ति को डॉक्टरों ने दिल्ली के लिए रेफर कर दिया था। आईसीयू में भर्ती दीप्ति की शनिवार को मौत हो गई। मामले में पहले से ही समरेश पाल सिंह की तहरीर पर दीप्ति के पति राजीव, तेजपाल, संजय, विनीता, सुधा, अजब सिंह, राधा के खिलाफ हत्या की कोशिश व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
- शिक्षामित्र की इलाज के दौरान मौत हो गई है। आरोपियों के खिलाफ पहले से ही हत्या की कोशिश में मुकदमा दर्ज है। मामले में धाराओं की बढ़ोतरी कर जल्द गिरफ्तारी भी की जाएगी। - शक्ति सिंह, सीओ सिटी