पाकबड़ा के रतनपुर कलां निवासी अलशिफा (11) की गजरौला में हाईवे किनारे नाले में डूबने से मौत हो गई। वह मामा और मौसी के साथ गजरौला से दवाई लेकर ननिहाल महेशरा लौट रही थीं। अचानक आए वाहन को बचाने के प्रयास में उसके मामा की बाइक अनियंत्रित होकर हाईवे पर गिर गई और बाइक पर बैठी अलशिफा हाईवे के बराबर में नाले में जा गिरी।
करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद छात्रा को निकाला जा सका। हादसे में बालिका के मामा व मौसी भी घायल हो गए।
मुरादाबाद के पाकबड़ा थानाक्षेत्र के गांव रतनपुर कलां निवासी माजिद की बेटी अलशिफा ईद पर मां बेनजीर के साथ रजबपुर थानाक्षेत्र के महेशरा गांव स्थित ननिहाल आई थी। ईद मनाने के बाद मां अपने घर चली गई, जबकि अलशिफा मामा के घर ही रुक गई थी। सोमवार को अलशिफा और उसकी मौसी बानो जफरु उर्फ जफरुद्दीन के साथ बाइक से गजरौला दवाई लेने आई थी। जफरुद्दीन बानो का भाई है।
गजरौला में खरीदारी कर दोपहर करीब 2.30 बजे तीनों महेशरा लौट रहे थे। तीनों नगर से करीब तीन किलोमीटर मुरादाबाद की दिशा में पहुंचे तो किसी वाहन को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर हाईवे पर फिसल गई। बानो व जफरुद्दीन हाईवे पर गिरकर घायल हो गए। जबकि, अलशिफा दिल्ली से मुरादाबाद जाने वाली लेन के किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के नाले में जा गिरी। हादसा होता देख आसपास के दुकानदार व प्रतिष्ठानों पर काम करने वाले लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और घायल भाई-बहन को सीएचसी में भिजवाया।
विपिन और इंटर का छात्र बालिका को निकालने नाले में कूदे
बालिका को निकालने के लिए विपिन ठाकुर व इंटर का छात्र सादिक नाले में कूद पड़े। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद बालिका को बाहर निकाला जा सका और उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर सीओ घटना स्थल पर गए। आसपास के लोगों से जानकारी ली। सीओ ने बताया कि बालिका की मौत का मामला सामने आया है। जांच की जा रही है।
सीढ़ी से नाले में उतरे साहसी युवक
हाईवे पर बाइक से बालिका नाले में गिरने की खबर लगते ही लोग दौड़ पड़े। कुछ ही देर में भीड़ जमा हो गई। मगर, करीब छह से सात फीट गहरे नाले में उतरना मुश्किल था। सबको पानी भरे नाले में डूब जाने का डर था। इस बीच सीढ़ी मंगाई गईं और रहरा क्षेत्र के भोगपुरा निवासी साहसी युवक विपिन ठाकुर आगे आए। वह पास में ही दुकान चलाते हैं। वह नाले में कूद गए। वहीं, उनके साथ फाजलपुर मोहल्ला निवासी सादिक भी नाले में उतर गए, जो इंटर में पढ़ता हैं। साथ ही हाईवे किनारे उनकी ट्रांसपोर्ट है। उन्होंने अन्य साहसी युवकों के साथ मिलकर मशक्कत के बाद बालिका को तो नाले से बाहर निकाल लिया। हालांकि उसकी जान नहीं बचा सके।
ऊपर से संकरा और अंदर से काफी चौड़ा है हाईवे किनारे बना नाला
गजरौला। हाईवे किनारे जिस नाले में गिरकर पाकबड़ा निवासी अलशिफा की जान गई है, वह ऊपर से संकरा, जबकि अंदर से काफी चौड़ा है। आसपास के लोगों का कहना है कि पहले यहां एक पुलिया भी थी, जिसे अतिक्रमण कर पाट लिया गया है। वहीं, नाला ढका होता तो बालिका की जान बच सकती थी।
सोमवार दोपहर महेशरा निवासी जफरुद्दीन बहन बानो व भांजी अलशिफा को गजरौला दवाई दिलाकर घर लौट रहे थे। लेकिन, गजरौला से वह तीन किलोमीटर ही आए थे कि हाईवे पर वाहन को बचाने के प्रयास में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई, जिससे भाई-बहन तो सड़क पर गिरकर घायल हो गए। जबकि, अलशिफा हाईवे किनारे बने नाले में जा गिरी। स्थानीय लोगों के मुताबिक नाला ऊपर से संकरा है, जबकि अंदर से उसकी चौड़ाई बहुत अधिक है।
उधर, बालिका को नाले से निकालने वाले युवकों ने बताया कि बालिका जिस स्थान पर गिरी थी, वहां नहीं मिली। वह बहकर काफी अंदर तक चली गई थी। नाले के ऊपर हाईवे की सर्विस रोड भी बनी है। इस कारण बालिका को तलाशने में उनको परेशानी का सामना करना पड़ा। बालिका पानी के बहाव के साथ न बहती तो उसे बचाया जा सकता था।
नाला ढका हुआ होता तो नहीं जाती बालिका की जान
सोमवार दोपहर जिसे नाले में गिरकर बालिका की मौत हुई है वह हाईवे और सर्विस रोड के बीच में बना है। वहीं नाले के कुछ हिस्से के ऊपर सर्विस रोड बनी है, जबकि कुछ हिस्से में सैलब में डाली गई है। हालांकि, जहां बालिका गिरी, वहां से नाला खुला है। घटना स्थल पर इकट्ठा भीड़ में शामिल लोगों का कहना था कि खुला नाला हादसे का कारण बन रहा है। कई बार आसपास के दुकानदारों व प्रतिष्ठान संचालकों ने नाले पर जाल लगवाने की मांग उठाई, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया। लिहाजा उसकी लापरवाही से बालिका हादसे का शिकार हो गई।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र लिखेंगे सीओ
गजरौला। हाईवे की सर्विस रोड और दिल्ली से मुरादाबाद जाने वाले वाहनों की लेन के बीच में बना नाला करीब छह फीट चौड़ा है, जो खुला हुआ है। सोमवार दोपहर जिसमें बालिका की गिरकर मौत हो गई। हादसे के बाद अब पुलिस को नाले को बंद कराने की याद आई। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि नाला बंद कराए जाने के लिए उनके द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र लिखा जाएगा। उसकी लापरवाही भी साफ उजागर हुई है।
रास्ते से वापस भेजे ब्रजघाट से बुलाए गोताखोर
गजरौला। बालिका के नाले में गिरकर डूबने की जानकारी मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। नाले की गहराई अधिक होने के कारण कोई उसमें कूदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इस बीच पुलिस को ब्रजघाट से गोताखोर बुलाने का निर्देश जारी हुआ। गोताखोर नाईपुरा तक पहुंच गए थे। मगर उनको पता चला कि बालिका निकाल ली गई है। जिस पर गोताखोर वापस कर दिए गए।
ट्वीट कर सीएम से शिकायत, मूकदर्शक बने रहे पुलिसकर्मी
गजरौला। बालिका के नाले में गिर जाने की खबर इलाके में फैल गई। सूचना पर पुलिसकर्मी भी मौके पहुंचे। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी बालिका को तलाश करने के लिए नाले में नहीं कूदे। लोगों का आरोप है कि पुलिस सिर्फ मूकदर्शक ही बनी रही। इस दौरान किसी ने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर दिया कि बालिका के नाले में गिर जाने पर पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने देखते रहे। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि मूकदर्शक बनकर कोई नहीं देख रहा था। बिना सीढ़ी के अंदर नाले में कूदने पर अन्य की जान जा सकती थी। इसलिए कोई नहीं कूदा। मूकदर्शक बने रहने की शिकायत गलत की गई।