मंडी धनौरा। पति के साथ अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाली बांग्लादेशी महिला रीना बेगम को आखिरकार कोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने रीना बेगम के बगैर अनुमति के जिले से बाहर जाने पर रोक लगा दी है।
बांग्लादेश के ढाका की रहने वाली रीना बेगम सऊदी अरब में एक अस्पताल में काम करती थी। नगर के मोहल्ला कटरा निवासी राशिद अली भी उसी अस्पताल में फर्नीचर का काम करते थे। दोनों में नजदीकियां बढ़ी तो उन्होंने शादी कर ली।
दिसंबर 2025 में राशिद व रीना बेगम सऊदी अरब से नगर में आ गए। राशिद अली अपनी पत्नी रीना बेगम के साथ रह रहे थे। 11 दिसंबर 2025 को किसी व्यक्ति ने थाने में शिकायत की कि एक बांग्लोदशी महिला बगैर वीजा व अनुमति के यहां रह रही है। सूचना मिलते ही पुलिस व खुफिया एजेंसी सतर्क हो गई।
उन्होंने राशिद व रीना बेगम को थाने लाकर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि राशिद अली, रीना बेगम को बगैर वीजा व अनुमति के नेपाल के रास्ते देश में लेकर आया। बांग्लादेशी महिला के बगैर वीजा के रहने की जानकारी पर कई खुफिया एजेंसियों ने घंटों तक पूछताछ की थी। पुलिस ने राशिद अली व रीना बेगम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया था।
राशिद अली की कुछ समय बाद ही जमानत हो गई थी। लेकिन रीना बेगम उस समय से ही जेल में थी। माना जा रहा था कि रीना बेगम को सीधे डीपोर्ट किया जाएगा। लेकिन रीना बेगम को कोर्ट ने जमानत दे दी। कोर्ट ने रीना बेगम को जिले से बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी है। उसे हफ्ते में दो बार स्थानीय थाने में जाकर अपनी उपस्थिति दिखानी होगी। प्रभारी निरीक्षक अमरपाल सिंह ने रीना बेगम की जमानत की पुष्टि करते हुए बताया कि उसे नगर चौकी पर हाजिरी लगाने के लिए निर्देशित किया गया है। जब तक उसके विरुद्ध दर्ज वाद में अदालत से निर्णय नहीं हो जाता है। वह पुलिस की निगरानी में रहेगी। उनका कहना था कि उसे डीपोर्ट करने के मामले में संबंधित विभाग निर्णय लेगा।