इस्लाह-ए-मुशायरा की मीटिंग में उलमा ने चेतावनी दी है कि निकाह आदि में डीजे, बैंड आदि बजाने पर निकाह नहीं पढ़ाया जाएगा। इस संबंध में उलमा की ओर से लाल खत भी जारी किया गया है।
चुचैला कलां गांव के मुहल्ला इमामबाड़ा में हुई एक मीटिंग में मौलाना वकील अहमद ने कहा कि मुस्लिम समाज में होने वाले निकाह में सामाजिक बुराइयां बढ़ती जा रही है। डीजे, बैंड-बाजा, ढोल व नगाड़ों, आतिशबाजी और शराब के प्रचलन जोर पकड़ रहा है, जो कि इस्लाम के मुताबिक ठीक नहीं है।
गांव में कुछ दिन पहले हुई एक युवक के निकाह में युवाओं की ओर से की गई शराब की खुलेआम मांग करने पर नाराजगी जाहिर की गई। मौलाना ने कहा कि उलमा अब उस निकाह को नहीं पढ़ाएंगे जिसमें डीजे, बैंड-बाजा या शराब का प्रयोग किया गया होगा। इस संबंध में लाल खत भी जारी किया गया। लाल खत में ये सभी पाबंदी व हिदायतें दर्ज की गई हैं।
शर्तों को नहीं मानने वालों के यहां निकाह नहीं पढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर कारी मजाहिर, जरीफ अहमद, लईक अहमद, फिरोज अंसारी, अहमद हसन, फैजान कुरैशी, मुमताज, अशरफ आदि मौजूद थे। निकाह कार्यक्रमों में शर्तों को नहीं मानने पर उलमा निकाह नहीं पढ़ाएंगे।