अमरोहा। कन्या सुमंगला फॉर्म के लंबित होने और मीटिंग से अधिकारियों की गैरमौजूदगी को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। जिले में कुल 193 फॉर्म लंबित हैं। सत्यापन कर्ता अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई है। डीडीओ प्रदीप यादव, बीएसए चंद्रशेखर समेत सभी आठ खंड शिक्षा अधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी गई है। जब तक प्रकरणों का निस्तारण नहीं होगा उस वक्त तक वेतन नहीं मिल सकेगा। इसके अलावा अनुपस्थित रहने का स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम के फरमान से अफसरों में हड़कंप मचा है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने छह श्रेणियों में कन्या सुमंगला योजना के तहत लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। बच्ची के जन्म लेने से 2,000 रुपये का एकमुश्त रकम दी जाती है। एक साल के बाद टीकाकरण कराने वाली बच्चियों को प्रोत्साहन के रूप में 1,000 रुपये मिलते हैं। परिवार की अधिकतम दो बच्चियों का लाभ मिल सकता है। परिवार की सालाना आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी ने कन्या सुमंगला योजना की प्रगति की समीक्षा की जिसमें 193 फॉर्म लंबित मिले। इसकी वजह बताने के लिए डीडीओ यानी बीडीओ जोया प्रदीप यादव और बीएसए चंद्रशेखर भी बैठक में मौजूद नहीं थे। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारी आयशा बी, नगर खंड शिक्षा अधिकारी पवन कुमार, अमरोहा के मुकेश सिंह, धनौरा में राजकुमार, गजरौला में राकेश गौड़, गंगेश्वरी में अमरेश और हसनपुर में विजय चौहान खंड शिक्षा अधिकारी हैं, जबकि हसनपुर नगर में अनिल कुमार कार्यरत हैं।
सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल ने बताया कि जिलाधिकारी के स्तर से जोया के बीडीओ और बीएसए समेत सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाई गई है। इन लोगों से अनुपस्थित रहने का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। लंबित प्रकरणों के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।